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विदेश में नौकरी का झांसा देकर कबूतरबाजी, गिरफ्तार

Mon, 01 Sep 2014 04:09 PM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 01 Sep 2014 04:09 PM IST
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Ranging from 40 thousand to one lakh 10 thousand rupees recovered

विदेश में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर बेरोजगारों को ठगने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने राजधानी में सक्रिय कबूतरबाजों के गिरोह का पर्दाफाश किया है।

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इनके झांसे में फंसे दर्जनों पीड़ितों ने हांगकांग से लौटने के बाद कैसरबाग कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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कुशीनगर निवासी उमेश सिंह, दिलीप कुशवाहा और उनके दर्जन भर साथियों ने पुलिस को बताया कि कबूतरबाज उन्हें धोखे से कबूतरबाज हांगकांग ले गए। वहां एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें छोड़कर नदारद हो गए।
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इस दौरान ये लोग हांगकांग पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कई घंटे तक पूछताछ के बाद हांगकांग पुलिस ने उन्हें भातर लौटा दिया। लखनऊ पहुंचकर पीड़ितों ने कैसरबाग थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

उमेश व उसके साथियों ने पुलिस को बताया कि कैसरबाग में नजीराबाग रोड पर बाकायदा कार्यालय खोलकर कुछ लोग बेरोजगारों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं।

इस गिरोह के कुशीनगर के एजेंट सीताराम भगत ने उन लोगों से संपर्क किया और विदेश में अच्छी नौकरी का सब्जबाग दिखाया। इसके बाद उसने अपने चीफ कोलकाता निवासी तैमूर मलिक से मिलवाया।

उन्होंने बताया कि हांगकांग की कई कंपनियों से उनका अनुबंध है। वहां अच्छी सैलरी पर नौकरी दिलवाने के नाम पर उमेश और उसके साथियों से 40 हजार रुपये से लेकर एक लाख 10 हजार रुपये तक वसूले गए।

पैसा देने के बाद यह लोग इन लोगों को टरकाने लगे। इसके बाद दबाव डालने पर तैमूर मलिक, उसका पार्टनर हैदर अली और सीताराम भगत इन लोगों को टूरिस्ट वीजा पर हांगकांग ले गया।

वहां एयरपोर्ट पर कबूतरबाजों ने इन लोगों को सामान समेत एक जगह रुकने को कहा और इन लोगों के ठहरने व गाड़ी की व्यवस्था की बात कहकर फरार हो गए।

उमेश व उसके साथी एयरपोर्ट पर संदिग्ध की तरह घूमते दिखे तो हांगकांग पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में इन लोगों ने वहां आपबीती सुनाई, जिसके बाद हांगकांग पुलिस ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया।

पूरी तरह से संतुष्ट हो जाने के बाद हांगकांग पुलिस ने उनकी वतन वापसी करवाई। यहां आकर इन लोगों ने कबूतरबाज गिरोह से फिर संपर्क साधा और रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे।


यहां तीनों कबूतरबाज गिरोह ने इन लोगों को कैसरबाग में नजीबाबाद रोड पर स्थित कार्यालय बुलाया। उन्होंने अन्य साथियों के साथ मिलकर इनको धमकाना शुरू कर दिया। सभी कैसरबाग कोतवाली पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।

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