जिन दोस्तों के साथ निकला था पार्टी करने, उन्हींने पीटकर ली जान
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दोस्तों के साथ न्यू ईयर की पार्टी के लिए निकले सुरेंद्र (32) को उसके दोस्तों ने पीट-पीट कर मार डाला। सुरेंद्र को उसके दोस्तों ने पहले जमकर पीटा फिर लहूलुहान हालत में सड़क के किनारे फेंककर भाग गए।
पुलिस ने सरेंद्र को ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां उसकी मौत हो गई। सुरेंद्र के पिता व कलेक्ट्रेट से रिटायर्ड वरिष्ठ लिपिक लेखराज ने गांव के ही शंकर यादव, रवि यादव, इंदल यादव, करण, चमन और अनुज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मोहनलालगंज के नगर पुरसैनी निवासी सुरेंद्र शाम करीब साढ़े सात बजे शंकर की तरफ से आयोजित नए साल की पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेखराज का कहना है कि रात 11.30 बजे गांव के बाहर राजू की पान की गुमटी के पास उसके सड़क पर पड़े होने की खबर मिली।
परिवारीजन और पुलिस मौके पर पहुंचे तो सुरेंद्र को खून से लथपथ पाया। उसकी सांसें चल रही थीं और स्कूटी पास ही पड़ी थी। सुरेंद्र को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।
सुरेंद्र तीन भाइयों में बीच का था। उसकी मौत की खबर से पत्नी उर्मिला और बेटी मानवी का बुरा हाल है। परिवारीजनों का कहना है कि आरोपी शंकर भी प्रॉपर्टी का काम करता है। वह उनके बेटे का दोस्त था और अक्सर साथ ही रहता था।
पता लगाई जा रही है झगड़े की वजह
पार्टी में शराब के नशे में धुत शंकर व उसके साथियों ने सुरेंद्र को लोहे की रॉड व डंडे से पीटा। इंस्पेक्टर एसएन राय का कहना है कि आरोपी घर से भागे हुए हैं। झगड़ा किस बात को लेकर हुआ था, इसका पता लगाया जा रहा है। पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सुरेंद्र के भाई वीरेंद्र का कहना है कि उसके भाई की मौत को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। उसने बताया कि भाई को पीटने के बाद उसे काले रंग की स्कॉर्पियो से सड़क पर फेंक दिया गया।
उसने बताया कि जब शंकर व अन्य आरोपी उसके भाई को पीट रहे थे तो चमन भागकर घर आया था। उसने मारपीट की जानकारी दी तो परिवारीजन मौके पर जाने के लिए दौड़े। गांव के बाहर सुरेंद्र सड़क पर पड़ा मिल गया।
आसपास के लोगों ने बताया कि काले रंग की स्कॉर्पियो से उसे कोई फेंक गया है। उसकी स्कूटी कोई दूसरा चलाकर लाया और सड़क पर गिरा दी जिससे देखने वालों को लगे कि सुरेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुरेंद्र की मौत सिर पर चोट के कारण अत्यधिक खून बह जाने से हुई है। सुरेंद्र का बायां हाथ और दायां पैर टूटा हुआ था। हाथ इतनी बुरी तरह से मरोड़ा गया कि टूट गया। शरीर के अन्य हिस्सों में भी लोहे की रॉड से चोटों के निशान हैं।