लखनऊ की इन दुकानों और रेस्टोरेंट से मुक्त करवाए गए बाल मजदूर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ में बाल श्रमिकों का उपयोग सस्ती वर्कफोर्स के रूप में खुलेआम जारी है। बृहस्पतिवार को चाइल्ड लाइन और श्रम विभाग ने पुलिस के संग इंदिरानगर व तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्रों में कार्रवाई कर 11 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को राजकीय बाल गृह मोहान रोड भेजने का आदेश दिया है।
पिछले दिनों बाल श्रम पर सुस्त कार्रवाई के चलते श्रम विभाग के 13 इंस्पेक्टरों को प्रतिकूल प्रविष्टियां दी गई थीं। साथ ही डीएम ने पूरे महीने बाल श्रम रोकने का अभियान चलाने का निर्देश दिया था।
श्रम विभाग और चाइल्ड लाइन ने पुलिस की सहायता से दो टीमें बनाईं और राजाजीपुरम तालकटोरा और इंदिरानगर के लेखराज मार्केट में निरीक्षण किया। यहां खाने-पीने की दुकानों, गैराज और फर्नीचर की दुकानों में 14 साल से छोटे बच्चे काम करते पाए गए।
इन बच्चों को यहां से मुक्त कराया गया और चाइल्ड लाइन लाया गया। बाल कल्याण समिति ने इनका मेडिकल कराने के आदेश दिए हैं। अगर ये 14 साल से छोटे पाए गए तो दुकान वालों पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
इन बच्चों को कराया मुक्त
राजाजीपुरम तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र :
- नॉवल्टी स्टोर चेस्ट ऑफ चाइना से नगराम निवासी सूरज (11) को मुक्त कराया गया
- राहुल वेज कॉर्नर पर सीतापुर के शहरेआलम (12) और सूफियान (13) काम करते मिले
- जस्ट इन रेस्टॉरेट पर लेखराज मार्केट में सूफियान (13) को छुड़ाया गया
- न्यू श्रीराम मिष्ठान भंडार पर अंकित (13) काम करता मिला
- मिश्रा फर्नीचर हाउस से दिलशाद (11) को मुक्त कराया गया
ताल कटोरा से :
- आदि रिपेयरिंग सेंटर से अजीम (11) और आसिफ (11) मुक्त कराए गए
- एनवी फूड कॉर्नर से धीरज (12) और अभिषेक (13) को मुक्त कराया गया
- न्यू किशोर ऑटोमोबाइल से नीरज (12) काम करता मिला