रोडवेज व पतंजलि में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों ठगे, ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर करता था खेल
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साइबर क्राइम सेल ने उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम में संविदा परिचालकों की भर्ती, पतंजलि आयुर्वेद की एजेंसी व लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के नाम पर सैकड़ों लोगों से लाखों की ठगी करने वाले जालसाज को शनिवार सुबह हजरतगंज इलाके से गिरफ्तार किया है। वह नौकरी के इश्तिहार छपवा कर लोगों को जाल में फंसाता था।
संस्थानों से मिलती-जुलती ई-मेल आईडी पर आवेदन के साथ पंजीकरण के 500 रुपये जमा कराता। सिक्योरिटी मनी के नाम पर खाते में 10 हजार रुपये जमा कराने के बाद डाक से फर्जी नियुक्ति भेज देता था। रोडवेज के प्रतीक चिह्न के साथ इश्तिहार छपवाकर नौकरी के नाम पर ठगी की क्षेत्रीय प्रबंधक ने दो दिन पहले हजरतगंज में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
साइबर क्राइम सेल के नोडल अधिकारी/क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके घोष ने संविदा परिचालकों की भर्ती के नाम पर ठगी का शिकार बने बेरोजगारों की शिकायत पर बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही, निरीक्षक संतोष कुमार, उपनिरीक्षक राहुल राठौर, आरक्षी फिरोज बदर, अखिलेश कुमार, शरीफ खान की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों व अन्य तरीकों से गहन छानबीन की।
पता चला कि अलीगढ़ के अतरौली थाने के बैम्बीरपुर निवासी दुर्गेश शर्मा उर्फ कुनाल ने इश्तिहार छपवाकर लोगों को जाल में फंसाया और अपनी पत्नी गीता के नाम से विभिन्न बैंकों में खोले खातों में रकम जमा कराई थी। अहम सुराग तलाशने के साथ पुलिस टीम ने ठगी का शिकार बने लोगों से संपर्क किया और हजरतगंज के लालबाग क्षेत्र में लोकेशन ट्रेस होने पर उसे धर दबोचा।
लैपटॉप में मिले सैकड़ों आवेदन-पत्र
नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में पकड़े गए दुर्गेश शर्मा के कब्जे से लैपटॉप, 3 मोबाइल फोन, रोडवेज में संविदा परिचालक की भर्ती का फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी प्रशिक्षण पत्र, छपे हुए लिफाफे, प्रचार सामग्री व फर्जी एडमिट कार्ड बरामद हुआ। लैपटॉप खंगालने पर सैकड़ों लोगों के आवेदनपत्र नजर आए। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद मंडल में रोडवेज संविदा परिचालक, पतंजलि आयुर्वेद की एजेंसी व लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के नाम पर उसने आवेदनपत्र मंगाए थे।
संस्थान से मेल खाती ई-मेल आईडी पर आवेदन
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि 12वीं तक पढ़े दुर्गेश कुमार शर्मा उर्फ कुनाल ने upsrtc@contractor.net ई-मेल आईडी पर रोडवेज संविदा परिचालक के लिए आवेदनपत्र मंगाए थे। इसी तरह patanjaliayurved@chef.net info.patanjaliservice@gmail.com ई-मेल आईडी पर आवेदन कराए थे। उसने जालसाजी में तीन बैंक खातों का इस्तेमाल किया था।