लखनऊ में मां-बेटे को बेरहमी से मार डाला
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आशियाना इलाके में बेखौफ बदमाशों ने मंगलवार शाम बुजुर्ग महिला बिटाना देवी (75) और उसके बेटे पप्पू यादव (40)का बेरहमी से कत्ल कर दिया।
महिला को कमरे में चाकू से गोदने के साथ ही बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी। जबकि उसके बेटे को चाकुओं से गोदकर आंगन में मार डाला। हत्या के बाद बदमाश दरवाजा खुला छोड़ फरार हो गए।
घनी बस्ती होने के बावजूद पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। पुलिस को हत्या में महिला के बड़े बेटे रमेश यादव पर शक है। हालांकि किराएदार ऑटो चालक भास्कर द्विवेदी और उसके पिता रवि को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
एसओ आशियाना संतोष तिवारी ने बताया कि सेक्टर-ए में बंगला बाजार के पीछे घनी बस्ती में बिटाना का मकान है। हत्या शाम करीब 6 बजे हुई।
रास्ते से गुजरे पिंटू नामक युवक ने पप्पू को आंगन में खून से लथपथ पड़ा देख शोर मचाया तब हत्या का पता चला। घर के अंधेरे कमरे में बिटाना का शव मिला।
उसके चेहरे समेत शरीर पर चाकू के छह जख्म थे और भेजा उड़ा हुआ था। लगता है कि बदमाशों ने चाकू से हमले के बाद सिर में तमंचा लगाकर गोली मारी। बहरहाल पड़ोसियों ने किसी चीख या फायर की आवाज सुनने से इन्कार किया है।
चाय बना रही थी मां,समोसे लाया था बेटा
आशियाना के सेक्टर-ए में चार कमरों के मकान के आंगन में खून से लथपथ पड़े पप्पू यादव के शव के पास दो समोसे, चटनी,बीड़ी का बंडल और माचिस पड़ी थी। भीतर के कमरे में बिटाना का खून से लथपथ शव था।
गैस चूल्हे पर टिफिन के डिब्बे में दो कप चाय थी। दोहरे हत्याकांड की तफ्तीश कर रहे पुलिस अफसरों का मानना है कि पप्पू यादव बंगला बाजार में किसी दुकान से समोसा लेने निकला था और बिटाना घर में चाय बना रही थी।
इस दौरान घर में आ धमके बदमाश ने बिटाना पर हमला किया। हालात बता रहे हैं कि बुजुर्ग महिला की हत्या के दौरान कातिल ने दरवाजे पर आहट सुनी। पप्पू को आते देख चाकू लेकर कमरे से निकला और आंगन में ही उसे ठिकाने लगाकर फरार हो गया।
दोहरे हत्याकांड की पड़ताल में जुटी पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि पप्पू और उसके बड़े भाई रमेश में आए दिन झगड़ा होता रहता था। पप्पू अविवाहित था,जबकि रमेश से उसकी पत्नी ने पांच साल से नाता तोड़ लिया था।
वह मानकनगर इलाके में अपने मायके चली गई। इसके बाद रमेश बाहर रहा और साल भर से मां और भाई के साथ रहने लगा था।
कातिलों से जूझी थी बुजुर्ग महिला
बिटाना के पति मिलिट्री डेयरी में नौकरी करते थे। उनकी पेंशन से बिटाना घर का खर्च चलाती थी। शराब की लत के चलते पप्पू अपनी मां से पेंशन के रुपये भी झटक लेता था। पेंशन और दो कमरों के किराए को लेकर पप्पू और रमेश झगड़ते रहते थे।
कमरे में दाल-चावल व राशन के डिब्बे बिखरे पड़े थे। पास में चूड़ियों के टुकड़े बयां कर रहे थे कि बुजुर्ग बिटाना ने जान बचाने के लिए कातिलों से संघर्ष किया। पुलिस का मानना है कि हाथापाई में कातिल को भी खरोंच या चोट आई होगी। उसके कपड़े भी फटने की संभावना है।
बिटाना की हत्या की खबर पर तीनों बेटियां रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गई,जबकि बड़े बेटे रमेश ने पुलिस की पहली कॉल पर खुद को शक्ति भवन के पास बताया। इसके बाद बहाने करता रहा।
दो घंटे तक रमेश के न पहुंचने पर पुलिस ने कॉल की तो मोबाइल बंद था। पुलिस ने उसे संदेह के घेरे में लेते हुए उसका मोबाइल सर्विलांस पर लिया। आखिरी लोकेशन नाका इलाके का पाया गया। उसकी तलाश में एक टीम चारबाग इलाके में भेजी गई।
बिटाना का बड़ा बेटा रमेश यादव पावर कॉरपोरेशन में संविदा पर चालक है। पुलिस ने रमेश को कॉल करके हत्या की सूचना दी। वह घर लौटने में टालमटोल करता रहा और तीन घंटे बाद उसका फोन बंद हो गया। इस पर पुलिस ने रमेश को संदेह के घेरे में लेकर तलाश शुरू की है।