वीआईपी की तरह हुई हत्या के आरोपी की खातिरदारी
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आलमबाग में रेलवे ठेकेदार सतीश चंद्र तिवारी उर्फ टनाटन की हत्या का मुख्य आरोपी मानकनगर निवासी दरोगा पुत्र विक्रम सिंह चौहान और बदमाश राजेंद्र मांझी उर्फ करिया बुधवार सुबह पुलिस से सेटिंग करके कोतवाली में हाजिर हो गए।
करिया को हवालात में डाल दिया गया जबकि दरोगा पुत्र को कुर्सी पर बैठाकर आवभगत शुरू कर दी गई। कुछ ही देर में विक्रम के पिता व रायबरेली के गुरबक्सगंज थाने में तैनात सुरेश पाल सिंह सहित 60-70 वकील आलमबाग कोतवाली पहुंच गए।
उधर, आलमबाग इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी का दावा है कि विक्रम को सुबह पौने नौ बजे ईको गार्डन के पास से गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि विक्रम सिंह चौहान कृष्णानगर की शिवविहार कॉलोनी में रहता है जबकि राजेंद्र मांझी सेक्टर डी एलडीए कॉलोनी का रहने वाला है। दोनों उन्नाव में एक रिश्तेदार के मकान में छिपे हुए थे।
सर्विलांस से पता चली लोकेशन, हुआ गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की टीम ने विक्रम के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगा रखा था। मंगलवार रात विक्रम और राजेंद्र दोनों ने अपनी-अपनी पत्नी से बात की।
इसके बाद पुलिस को उनकी लोकेशन पता लग गई और क्राइम ब्रांच के दरोगा अक्षय कुमार के साथ गई पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ लिया। विक्रम रेलवे में ठेकेदारी करने के साथ वकील भी है। उसकी पैरवी के लिए कोतवाली में वकीलों का जमावड़ा लग गया।
हालांकि, दरोगा का बेटा होने के चलते विक्रम पर पुलिस की खास मेहरबानी रही। उसे इंस्पेक्टर के बगल में स्थित कमरे में कुर्सी पर बैठाया गया तो पिता सुरेश पाल सिंह बाहर इंस्पेक्टर के साथ चाय की चुस्कियां लेते रहे। दरोगा-सिपाही उसके लिए कूलर-पंखे और चाय-पानी से लेकर खाने-पीने तक का सारा इंतजाम करते रहे।
साथ चलता रहा वकीलों का गुट
मेडिकल के लिए भी बलरामपुर ले जाया गया तो वकीलों का गुट साथ में मौजूद था। आनन-फानन में मेडिकल कराकर विक्रम व करिया को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस प्रतापगढ़ के गढ़ी मानिकपुर निवासी और यहां पारा के हंसखेड़ा में रहने वाले प्रमोद शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मिठाई और लस्सी के साथ आए खस्ते व बिस्कुट के पैकेट
विक्रम के पिता के कोतवाली पहुंचते ही पुलिस ने इलाके के एक प्रसिद्ध स्वीट हाउस से मिठाई का डिब्बा मंगाया। विक्रम के लिए लस्सी और खस्ते और बिस्कुट के पैकेट मंगाए गए।
दो सिपाही उसकी खातिरदारी में लगे हुए थे। कोतवाली में एकत्र वकीलों के लिए भी पुलिस की तरफ से बिस्कुट और चाय का इंतजाम कराया गया।
जेल में सेटिंग की बात करते रहे परिवारीजन
विक्रम के परिवारीजन बलरामपुर अस्पताल में जेल में सेटिंग करने की बात करते रहे। उसके वकील साथियों को कोर्ट में जल्द से जल्द पेश कराके जेल भिजवाने को कहा गया। जेल में विक्रम को अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ वकीलों ने जेल के अधिकारियों से संपर्क भी किया।
यह था मामला
आलमबाग के रनिंग शेड कालोनी में रहने वाले रेलवे ठेकेदार सतीश चंद्र तिवारी उर्फ टनाटन की रविवार रात उसके ही घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सतीश की पत्नी अर्चना ने दरोगा पुत्र विक्रम सिंह चौहान, प्रमोद शर्मा व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सोमवार को प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार किया तो शराब के नशे में विवाद के बाद हत्या की बात सामने आई।
प्रमोद ने बताया कि चारों एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे तभी रायबरेली से चुनाव लड़ने जा रहे एक परिचित की हार-जीत को लेकर बहस होने लगी। गुस्साए विक्रम ने टनाटन की लाइसेंसी रायफल उठाकर उसे गोली मार दी और भाग गया।