8000 युवाओं को झांसा देकर ठगने वाला बेहद शातिर गिरफ्तार
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विकास मैनपुरी के ही रहने वाले सुधीर यादव की कंपनी एसएस ग्रुप कॅरिअर सेंटर में मैनेजर था। कंपनी का ऑफिस विभूतिखंड स्थित प्लेटिनम टॉवर के टॉप फ्लोर पर है। ठगी के शिकार नीलेश कुमार ने मंगलवार को कंपनी संचालकों के खिलाफ रुपये हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने बताया कि एसएस ग्रुप कैरियर सेंटर में हांडा, सुजुकी, फोर्ड जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों की वर्कशॉप और रिसेप्शन में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी की जाती थी।
सुधीर की कंपनी में विकास सहित करीब 20 लोग कंपनी में काम करते थे। विकास मैनपुर की घिरोर नगला खुराहाली कोरामा का रहने वाला है।
इन जिलों में किया प्रचार
कंपनी ने रायबरेली, सीतापुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, फैजाबाद, गोंडा, बहराइच, बस्ती, जौनपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, लखीमपुर सहित अन्य जिलों के बस व आटो-टैक्सी स्टैंड तथा रेलवे स्टेशन पर अपने प्रचार के पर्चे लगवा रखे थे।
युवक इन पर्चों पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करते तो उन्हें लखनऊ बुलाकर वेरिफिकेशन व रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपये जमा कराए जाते। इसके बाद उन्हें दो-चार महीने तक इंटरव्यू का झांसा देकर बहलाया जाता। थक-हारकर आवेदक कंपनी के चक्कर काटना बंद कर देते।
जो हंगामा करता, उसके कुछ रुपये लौटाकर वापस भेज दिया जाता। बीते दिनों नीलेश ने कंपनी संचालकों पर ठगी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने प्लेटिनम टॉवर स्थित ऑफिस में दबिश देकर मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया।
ऑफिस से पुलिस ने कई रजिस्टर जब्त किए हैं जिसमें एक में 7362 युवाओं के नाम-पते दर्ज हैं। विकास ने बताया कि इन युवाओं से नौकरी के नाम पर रुपये लिए गए हैं।
...और जमा करा लिए करोड़ों
सीओ ने बताया कि इन युवाओं से दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा कराई गई है। कंपनी का ऑफिस बंद करा दिया गया है। मालिक सुधीर यादव की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस वेरिफिकेशन के फॉर्म व मॉर्क्सशीट्स मिलीं
एसएस ग्रुप कैरियर सेंटर के ऑफिस से पुलिस को पुलिस वेरिफिकेशन के सादे फॉर्म, पुलिस की तरफ से जारी करीब 500 चरित्र प्रमाणपत्र, 500 युवाओं के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र, भारी संख्या में आधार कार्ड मिले हैं।
सीओ ने बताया कि कंपनी संचालक युवाओं से फॉर्म भराकर उनके मूल प्रमाणपत्र जमा करा लेते थे। यहीं पर युवाओं से पुलिस वेरिफिकेशन का फॉर्म भराया जाता था।
प्रत्येक अभ्यर्थी से जमा कराते थे रु 2550
ठग को दबोचने वाली महिला दरोगा निदा अर्शी ने बताया कि प्रत्येक आवेदक से फॉर्म फीस के रूप में 550 रुपये लिए जाते थे। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर 500 रुपये और रजिस्ट्रेशन व अन्य शुल्क के तौर पर 1500 रुपये जमा कराए जाते थे। एक आवेदक से कुल 2550 रुपये कंपनी वसूलती थी।
तीन बैंकों की चेकबुक मिली, खंगाले जाएंगे अकाउंट
महिला दरोगा निदा अर्शी ने बताया कि कंपनी के ऑफिस से सुधीर कुमार के नाम से चंदननगर आलमबाग स्थित एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा व एक अन्य बैंक की चेकबुक मिली हैं। यह भी पता चला है कि सुधीर चंदननगर में ही किराये का मकान लेकर रहता था। पुलिस टीम उसकी तलाश में मकान में पहुंची लेकिन वह नहीं मिला।
कंपनी के फर्जी होने की आशंका
महिला दरोगा निदा अर्शी ने एसएस ग्रुप कॅरिअर सेंटर के फर्जी होने की आशंका भी जताई है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने जो रजिस्ट्रेशन संख्या डाल रखी है, वह इसी नाम से एक रियल एस्टेट कंपनी की है।
यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं दोनों कंपनियों में कोई संबंध तो नहीं है। या फिर सुधीर ने रियल एस्टेट कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी तो नहीं की। ऐसा होने पर एफआईआर में धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई जाएंगी।