रिश्तेदार ने गायब की बच्ची, खून से लथपथ मिली लाश
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घर के एक तिलक समारोह में आए रिश्तेदार ने डेढ़ साल की बच्ची के साथ पहले बलात्कार किया फिर गला घोट कर उसे मार दिया।
रायबरेली के ऊंचाहार के सलोन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के बाहर नलकूप में शुक्रवार की देर रात मासूम बच्ची की दुराचार के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई।
इस घटना को मृतका के चाचा के तिलक समारोह में शामिल होने आए गांव के एक रिश्तेदार ने अंजाम दिया। इस घिनौनी वारदात की सूचना ग्रामीणों को लगी तो लोग आगबबूला हो गए।
नलकूप और घर में लोगों का मजमा लग गया। गुस्साए लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पकड़ में आए आरोपी को परिवारीजनों और ग्रामीणों ने जमकर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने ली जानकारी
सूचना पर सीओ सलोन रामअर्ज दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और पड़ताल की। ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के एक गांव निवासी रामू (परिवर्तित नाम) के भाई का शुक्रवार को तिलक था।
इसमें शामिल होने के लिए सलोन कोतवाली क्षेत्र के पाल्हीपुर गांव निवासी उसका रिश्तेदार जितेंद्र सिंह (35) भी आया था।
रामू की बहन उसकी डेढ़ साल की बेटी को गोद में लेकर तिलक देख रही थी। इसी बीच जितेंद्र रामू की बहन के पास पहुंचा और बच्ची को खिलाने के बहाने घर से बाहर ले आया।
वह बच्ची को गांव के बाहर स्थित एक नलकूप में ले गया। आरोपी ने वहां उसके साथ दुराचार किया और बाद में उसकी गला दबा कर हत्या कर दी।
डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
इधर, कई घंटे तक बच्ची के न मिलने पर उसकी खोजबीन शुरू की गई। खोज करते हुए परिवारीजन और ग्रामीण नलकूप पर पहुंचे, तो बालिका नलकूप के टैंक में खून से लथपथ पड़ी मिली।
परिवारीजन बच्ची को एनटीपीसी अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में परिवारीजनों को जब दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या किए जाने की बात पता चली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवारीजनों ने घर में पड़ताल की तो घटना के पीछे जितेंद्र का नाम सामने आया।
इससे गुस्साए लोगों ने जितेंद्र की खोजबीन शुरू कर दी। कुछ देर बाद वह पड़ोस के एक घर में मिल गया।
परिवारीजनों और ग्रामीणों ने जितेंद्र की जमकर धुनाई की। इसी बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। सीओ के साथ सलोन कोतवाल गजेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
कोतवाल ने बताया कि पिता की तहरीर पर आरोपी जितेंद्र सिंह के खिलाफ दुराचार, हत्या, शव गायब करने और पास्को एक्ट (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) की धारा चार के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना में आरोपी ने दरिंदगी की सारी सीमाएं तोड़ दीं। बच्ची के चेहरे और शरीर पर खरोंच और काटे के निशान पाए गए। सूचना के बावजूद पुलिस के करीब डेढ़ घंटे देर से पहुंचने से गुस्सा और भी बढ़ गया था।
पुलिस और देर से पहुंचती तो ग्रामीण आरोपी को मार ही डालते। वहीं डेढ़ साल की मासूम बच्ची से दुराचार के बाद आरोपी तिलक समारोह में नहीं पहुंचा, बल्कि गांव में किसी दूसरे के दरवाजे बैठा था।
अपनी करतूत को छिपाने के लिए उसने हाथ-पैर तो पानी से धो लिए, लेकिन कपड़ों में लगे खून ने उसकी कलई खोल दी। उसने पहले तो ग्रामीणों को बरगलाने का प्रयास किया, लेकिन पिटाई शुरू हुई तो उसने घटना कुबूल ली।