सुसाइड नोट लिखने के 17 दिन बाद लगा ली फांसी
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इंदिरानगर के तकरोई क्षेत्र में सोमवार को बिजली विभाग के एक संविदा कर्मचारी ने नौकरी जाने से दुखी होकर फांसी लगा ली। रूम पार्टनर की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया है।
कमरे में पुलिस को 17 दिन पहले लिखा एक सोसाइड नोट भी मिला है। अंबेडकरनगर के अजमेरी बादशाहपुर टांडा निवासी किसान संत लाल माझी का बेटा संदीप कुमार माझी (26) बिजली विभाग में संविदाकर्मी था और हजरतगंज में तैनात था।
वह तकरोई क्षेत्र में सूर्या सिटी के निकट एके गुप्ता के मकान में दोस्त श्याम लाल यादव के साथ किराए पर रहता था। चार महीने पहले नौकरी चले जाने से वह परेशान रहने लगा था।
दोपहर डेढ़ बजे श्याम लाल स्कूल से पढ़ाकर लौटा तो कमरा अंदर से बंद मिला। इसके बाद उसने धक्का देकर सिटकनी तोड़ी तो पंखे में रस्सी से संदीप का शव लटकता दिखा। श्याम लाल ने ही इंदिरानगर थाने और संदीप के घरवालों को सूचना दी।
ये लिखा सुसाइड नोट में...
पुलिस को कमरे की तलाशी में संदीप का सुसाइड नोट मिला, जिस पर 23 अप्रैल की तारीख थी। सुसाइड नोट में संदीप ने लिखा है कि ‘अपनी मर्जी से जीवन खत्म कर रहा हूं।
मेरे घरवालों को बहुत उम्मीद थी। मैंने बहुत प्रयास किया। मेरी जॉब छूट गई। मैंने यह बात अपनी फैमिली वालों से नहीं बताई है। बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी था। आई एम सॉरी।’
संदीप ने 23 अप्रैल को ही फांसी लगाने की तैयारी कर ली थी। बाद में उसे कोई जरूरी काम याद आ गया। इसके बाद उसने अपने कदम पीछे कर लिए थे।
जैसे ही यह काम पूरा हुआ उसने खुदकुशी की तैयारी कर ली। 17 दिन पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने नई तारीख डालकर इस बात का जिक्र किया है।