गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए शुरू किया ठगी का खेल
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गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए एक क्रिकेटर ने ठगी का धंधा शुरू कर दिया। शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर नौ बेरोजगारों से 9 लाख 28 हजार रुपये ठग लिये।
ठगी के शिकार लोगों ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
एसओ गोमतीनगर मो. अब्बास ने बताया कि रजनीश तिवारी मूल रूप से जौनपुर के मछलीशहर में गांव बसरही बालरगंज का रहने वाला है। यहां पर इंदिरानगर मानस विहार में रहता है।
वह उम्दा क्रिकेटर है और कई बार प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट में भी खेल चुका है। गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए उसने साथियों को ही ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया।
ऐसे किया ठगी का खेल
दोस्तों से बताया कि उसके मामा बच्चन लाल त्रिपाठी डीआईओएस कार्यालय में स्टेनो हैं। शिक्षा विभाग, ग्राम विकास व सिंचाई विभाग में चपरासी व बाबू के पद पर वह किसी की भी नौकरी दिलवा सकते हैं।
झांसे में आकर पिंकी वर्मा, प्रीति वर्मा, बृजमोहन, राधेश्याम, रूपरानी वर्मा, संतोष लोधी, सुशील, राम सिंह यादव, वीरेंद्र कुमार रावत, कमलेश व जागेश्वर प्रसाद ने किश्तों में 19 जुलाई 13 से 11 दिसंबर 13 तक कुल नौ लाख 28 हजार रुपये दिए।
इसके बाद सभी को तीन से छह महीने में इंटरव्यू और नियुक्ति पत्र दिलाने का वादा किया। जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे। इस पर वह टालमटोल करता रहा।
20 जुलाई 2014 को उन्होंने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि रजनीश इंदिरानगर स्थित अपने घर पर मौजूद है। इसके बाद उसे घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दोस्तों से ठगी, गर्लफ्रेंड संग पार्टी
एसओ गोमतीनगर ने बताया कि रजनीश अवध क्रिकेट क्लब से खेलता था। वहां पहले युवकों से दोस्ती करता था।
इसके बाद उन्हें सरकारी नौकरी के सपने दिखाता था। अपने रिश्तेदार की ऊपर तक पहुंच बताकर उनको नौकरी दिलवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठता था।
पूछताछ में रजनीश ने बताया वह इस रकम को गर्लफ्रेंड पर खर्च करता था। उसे महंगे-महंगे गिफ्ट देता था और दावतें उड़ाता था। बाद में उसी गर्लफ्रेंड से उसने शादी भी की थी।