फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   inside story of kanpur sex racket

फेसबुक और व्हाट्स एप से इस तरह शुरू हुआ था सेक्स रैकेट

Tue, 07 Jul 2015 02:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 07 Jul 2015 02:39 PM IST
विज्ञापन
inside story of kanpur sex racket

कानपुर में एक कथित सपा नेता की सरपरस्ती में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करके पुलिस ने सरगना समेत नौ कालगर्लों और छह युवकों को दबोच लिया। बाद में एक युवक पुलिस को चकमा देकर थाने से भाग निकला।

विज्ञापन


पकड़े गए युवकों में एमईएस का एक संविदा कर्मचारी और दूसरा सत्ताधारी दल से जुड़ा है। पकड़ी गई कालगर्लों में पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, यूपी की लड़कियां शामिल हैं। पुलिस ने पकड़े गए लोगों पर पीटा एक्ट की कार्रवाई की है।
विज्ञापन


सेक्स का यह कारोबार शहर में इंटरनेट और एनजीओ के जरिए चल रहा था। पुलिस की पूछताछ में भी यही बात निकलकर सामने आई है। सेक्स वर्कर से जुड़ी एनजीओ की एक सदस्य ने ही इलाहाबाद के साहिल को फेसबुक और व्हाट्स एप पर कालगर्लों की फोटो भेजी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद साहिल ने जिन सेक्स वर्कर को पसंद किया, उन्हें कोलकता से कानपुर कारोबार के लिए भेजा गया। सेक्स वर्करों ने बताया कि सोनागाछी में इस समय धंधा मंदा पड़ने से वे लोग कमाई के लिए कानपुर आईं।

बाद में कुछ यूं हो गया उसका रुप

inside story of kanpur sex racket

सेक्स वर्करों के मुताबिक दुर्बर महिला समन्वय कमेटी सेक्स वर्करों की बेहतरी के लिए काम करती है। यहां देह व्यापार करने वाली महिलाओं का रजिस्ट्रेशन होता है। सदस्य बनने के बाद संस्था बाकायदा परिचय पत्र देती है।

जिस्म फरोशी के गुर सीखने के लिए किसी पुरानी महिला सदस्य के साथ काम पर लगाया जाता है। गुर सीखने के बाद महिला बिना किसी सहयोग के सोनागाछी एरिया में धंधा कर सकती है। संस्था और धंधे में माहिर महिला के साथ जुड़कर धंधा करने पर सेक्स वर्कर को कमाई का 50 फीसदी पैसा मिलता है। बाकी पैसा संस्था और महिला के बीच बंट जाता है।

कालगर्लों ने बताया कि संस्था की एक महिला की साहिल उर्फ छोटू से दोस्ती है। उस महिला के माध्यम से साहिल की सोनागाछी की दो सेक्स वर्कर से मुलाकात हुई। उन सेक्स वर्करों ने ही छह कालगर्लों को रोजाना तीन हजार रुपये के कांट्रेक्ट पर कानपुर भेजा। बकौल कालगर्ल वे लोग हावड़ा-जोधपुर ट्रेन से इलाहाबाद पहुंचीं।

वहां साहिल उर्फ छोटू और मुनि ने उन्हें रिसीव किया। इसके बाद उन्हें ट्रेन से कानपुर भेज दिया। यहां से दीपक उन्हें अपने अड्डे तक ले गया। कालगर्ल ने बताया कि जिश्म फरोशी का धंधा शुरू करने की बात सोमवार से हुई थी लेकिन रविवार को ही दीपक ने काम शुरू करने की बात की तो उन्होंने विरोध किया।

इस पर दीपक और उसके साथियों ने उसे पीटा। खुद की जान को खतरा देख वे दोनों वहां से भागीं और 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सेक्स रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।

दो को ब्वायफ्रैंड ने धंधे में उतारा

inside story of kanpur sex racket

ग्वालियर और महाराष्ट्र में रहने वाली युवतियों को उनके ब्वायफ्रैंड ने जिस्म फरोशी के धंधे में झोंक दिया। महाराष्ट्र की युवती ने बताया कि बादल नाम का युवक घुमाने के बहाने उसे कानपुर लाया और दीपक को सौंपकर चला गया।

ग्वालियर की युवती का कहना है कि उसने अभिषेक नाम के युवक से प्रेम विवाह किया। अब अभिषेक ने उसे जिस्म फरोशी के धंधे में उतार दिया। अभिषेक ही उसे यहां छोड़कर गया था।

एक आंकड़े के मुताबिक 1000 में से सात लड़कियां परिजनों के द्वारा इस धंघे में ढकेली जाती है। 19 लड़कियों को आस-पास के लोग बरगलाकर इस धंधे में डाल देते हें। 18 लड़कियों को उनके रिश्तेदार इस जिस्मफरोसी के धंध में ढकेल देते हैं।

चर्चा तो यह भी है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने डेढ़ लाख रुपये में मामला सुलटाने की कोशिश की लेकिन सेक्स वर्करों के हंगामे की वजह से बात नहीं बनी। थाने के कुछ सिपाहियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि थाने के कुछ बड़े अफसरों ने जिस जगह पर जिस्म फरोशी का कारोबार होता था वहां और सीटीएस बस्ती में जाने पर रोक लगाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed