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नौ लाख की लूट में धरा गया आईबी इंस्पेक्टर का बेटा

Fri, 30 Aug 2013 12:22 AM IST
लखनऊ/अनिल त्रिपाठी
लखनऊ/अनिल त्रिपाठी Updated Fri, 30 Aug 2013 12:22 AM IST
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ib inspector son arrested in robbery

व्यवसायी दीपक अग्रवाल के मुनीम से नौ लाख लूटने की साजिश नौकरी से निकाले गए मुनीम ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से अंजाम दी थी।

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यह खुलासा बुधवार को नाका पुलिस ने एसटीएफ की मदद से ऐशबाग पुल के नीचे कार में लूट के माल का बंटवारा कर रहे मास्टर माइंड मुनीम समेत तीन को दबोच कर किया। जबकि, तीन अन्य आरोपी भाग निकले। दबोचे गए आरोपियों में रिटायर्ड आईबी इंस्पेक्टर का बेटा भी है।
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नाका कोतवाली के दरोगा अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि बीते छह अगस्त दिनदहाड़े दो बाइक सवार लुटेरों ने कार चालक को घायल कर नौ लाख रुपये लूट लिए थे।

इस दौरान व्यवसायी दीपक अग्रवाल के मुनीम विजय पांडेय मारुति वैन चालक राम सागर के साथ रुपया जमा करने बैंक जा रहा था। तफ्तीश में पुलिस का शक व्यवसायी के यहां मुनीम रहे चुके कमलेश शुक्ला पर गहराया।
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मूलरूप से हरदोई के अतरौली व हालपता ठाकुरगंज के गऊ घाट काशी विहार निवासी कमलेश शुक्ला को पैसे के हेरफेर में निकाल दिया था। पुलिस ने कमलेश के निजी सेलफोन नंबरों को सर्विलांस पर लेकर छानबीन की।

बुधवार को सूचना पर नाका पुलिस ने एसटीएफ की मदद से ऐशबाग पुल के नीचे से इंडिका कार सवार हरदोई के बेनीगंज व हालपता कुंडरी रकाबगंज निवासी संजय शुक्ला, बाराबंकी के लोनी कटरा कांधीपुर निवासी अजय दीक्षित एवं बाइक सवार कमलेश शुक्ला को दबोच लिया।

पुलिस ने लूटे गए 1.98 लाख की नगदी समेत वारदात में इस्तेमाल बाइक, इंडिका कार, तमंचा व कारतूस बरामद कर लिया। अजय दीक्षित रिटायर्ड आईबी इंस्पेक्टर का बेटा है।

आरोपियों ने कबूला कि लूट की साजिश मुनीम कमलेश शुक्ला ने रिश्तेदार संजय शुक्ला की मदद से रची थी। संजय अपराधी किस्म का है। लूट की बाकी रकम फरार आरोपियों के पास हैं।

पुलिस की मानें तो नौकरी से निकाले जाने के कुछ दिन बाद कमलेश ने संजय शुक्ला से व्यवसायी की दुकान से मामूली सुरक्षा के साथ रोज 15 से 20 लाख रुपये बैंक लाने व ले जाने बी बात कही थी।

कुंडरी रकाबगंज में किराएदार संजय ने अपने दोस्त अजय दीक्षित, सुल्तानपुर के जगदीशपुर निवासी शिवम शुक्ला, मड़ियांव निवासी अनिल वाजपेई व एक अन्य ठाकुर नाम के शख्स को शामिल किया।

लूट से पहले चरन होटल में रुके थे लुटेरे
पुलिस की मानें तो फरार शिवम शुक्ला ने लूट से एक दिन पहले हुसैनगंज के चरन होटल में फेक आईडी पर कमरा बुक कराया था। अजय, संजय, अनिल व ठाकुर सुबह एकत्र हुए।

फिर, दोपहर में दो बाइक से नाका गए। संजय ने ठाकुर को व्यवसायी के घर के पास निगरानी को छोड़ दिया और खुद अन्य लोगों के साथ आर्यनगर स्थित पार्क पर घात लगाकर मुनीम का इंतजार करने लगे।


पानदरीबा से आंख मिर्ची झोंक कर चुके हैं लूट
पुलिस की मानें तो आरोपी संजय शुक्ला, अजय दीक्षित, अनिल वाजपेई व अन्य साथियों के साथ 2009 में सीतापुर के कमलापुर एक व्यापारी से तमंचे के बल पर आठ लाख रुपये लूट लिए थे।

यही नहीं, लुटेरों ने 2010 में नाका के पानदरीबा से आलमबाग के एक व्यवसायी की आंख में मिर्च झोंककर व तमंचे से चोट पहुंचाकर बीस लाख रुपये लूट लिए थे। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास, बलवा जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

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