स्कूटी से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, दहशत
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इंदिरानगर के तकरोही में सोमवार शाम करीब छह बजे प्लॉट दिखाने जा रहे पटेलनगर एक्सटेंशन निवासी प्रॉपर्टी डीलर नित्यानंद श्रीवास्तव (30) को बाइक व स्कूटी सवार बदमाशों ने घेरकर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायर किए।
एक गोली नित्यानंद के पेट के दायें हिस्से को छूते हुए निकल गई जबकि दूसरी पैर में लगी है। हाथ में भी छर्रे लगे हैं। पुलिस ने उसे ट्रामा सेंटर भेजा।
नित्यानंद का कहना है कि 25 दिसंबर 2012 को तकरोही में फारुख की हत्या के मामले में वह गवाह है। बीती चार जुलाई को कोर्ट में उसकी पेशी थी, जहां आरोपी मुलायमनगर के छोटू घोसी और मैनेजर ने उस पर गवाही न देने का दबाव बनाया। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि नित्यानंद श्रीवास्तव की हालत खतरे से बाहर है। उससे पूछताछ की जा रही है।
छह-सात गोलियां चलाई और गाली देते हुए भाग निकले
किसी बिचौलिए ने प्लॉट खरीदने वाली पार्टी से मुलाकात कराने और प्लॉट दिखाने के लिए उसे बुलवाया था। पूछताछ में नित्यानंद ने बताया कि जैसे ही वह तकरोही स्थित पंजाब ईंट भट्ठा पहुंचा, स्कूटी सवार हत्यारोपी छोटू घोसी और मैनेजर तथा उनके साथ बाइक सवार दो अन्य बदमाशों ने हमला कर दिया। उसकी स्कूटी गिर पड़ी। बेटी दहशत से चीखने लगी।
उसे बचाने के लिए नित्यानंद ऊपर लेट गया। इस बीच छोटू और मैनेजर ने उसे निशाना बनाकर पिस्टल से छह-सात गोलियां चलाईं और गाली-गलौज व धमकी देते हुए भाग गए। नित्यानंद के सिर पर भी चोट लगी है जो जमीन पर गिरने से बताई जा रही है।
...जैसे ही सड़क पर गिरा मोबाइल गायब कर दिया
नित्यानंद जैसे ही घायल होकर सड़क पर गिरा, पास ही परचून की दुकान चालनेवाले युवक ने उसकी जेब से मोबाइल फोन और पर्स गायब कर दिया।
एसएसपी ने मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगवाकर पता लगाने और कार्रवाई करने की चेतावनी दी तो परचून दुकानदार एक पन्नी में लिपटा मोबाइल फोन व पर्स लेकर आ गया।
हत्या के मामले में दो महीने पहले ही जेल से छूटा था
नित्यानंद के खिलाफ भी 11 अक्तूबर 2011 को हत्या का एक मामला दर्ज हुआ था। इंदिरानगर एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि गंजरिया फार्म के पास रईस घोषी की हत्या के मामले में विवेचना के दौरान उसका नाम सामने आया था।
2014 में हत्या का खुलासा कर पुलिस ने नित्यानंद को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। 22 महीने जेल में रहने के बाद बीती 23 मई को वह जमानत पर छूटकर आया था।