रेप...हत्या के बाद सुनिए इस हैवान की शातिराना कहानी
पांच साल की परी(परिवर्तित नाम) जिसे मामू कहकर बुलाती थी एक दिन वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा किसी ने भी नहीं सोचा था।
राजधानी के हसनगंज इलाके के पुराना बासमंडी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक मासूम के साथ बगल में रहने वाले मामू ने रेप किया फिर हाथों की नसें काटकर बेरहमी से मार डाला।
मूल रूप से अमेठी की रहने वाली परी नर्सरी में पढ़ती और उसके पिता जालंधर में दर्जी का काम करते हैं।
वह लखनऊ के हसनगंज में अपने नाना नानी के साथ रहती थी। उसके नाना बिजली विभाग में कार्यरत हैं।
आइसक्रीम लेने गई, फिर नहीं लौटी
घरवालों के मुताबिक परी शनिवार को स्कूल से परीक्षा देकर लौटी और फिर ट्यूशन चली गई।
ट्यूशन से करीब 3.30 बजे तक वह लौटी फिर आइसक्रीम खाने के लिए घर से निकली। पुलिस ने बताया कि कातिल आसिफ के मुताबिक वह आइसक्रीम खाने की जिद कर रही थी।
आसिफ ने उसे 10 रुपए दिए और आइसक्रीम खाने के लिए भेज दिया।
फिर देर तक होती रही खोजबीन
जब काफी देर हो जाने के बाद परी आइसक्रीम लेकर नहीं लौटी, तो घरवाले आइसक्रीम वाले के पास गए।
आइसक्रीम वाले ने बताया कि वह तो कब का लौट गई है। उसने बताया कि पांच रुपए कम थे तब भी मैंने आइसक्रीम दिया था। शाम होती देख घरवाले परेशान हो गए। पुलिस को सूचना दी गई।
इधर खोजबीन के दौरान आसिफ मौजूद रहा, लेकिन बीच में चार-पांच घंटे के लिए गायब रहा, जिससे पुलिस को उस पर शक होता चला गया।
और जब कातिल लाश लेकर आया
इधर खोजबीन चल ही रही थी तभी रात के 2.30 बजे के आस-पास आसिफ खुद ही परी की लाश लेकर आ गया।
उसने कहा कि घर के बाहर तीन बाइक सवारों ने उसे फेंक दिया था। ऐसे में पुलिस का आसिफ पर शक यकीन में बदलता गया। उसने आसिफ से पूछताछ करनी शुरू कर दी और उसके घर की शिनाख्त करने पहुंच गए।
जब पुलिस ने आसिफ के घर की तलाशी ली, तो चौंका देने वाली बात सामने आई। पुलिस को सबसे पहले मासूम का चप्पल मिला और फिर एक बक्सा मिला, जिसमें हत्यारे ने लाश बंद कर दी थी।
नस काटकर लाश बक्से में भर दी
पुलिस ने बताया कि आसिफ आइसक्रीम खिलाने के बाद परी को अपने घर ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब मासूम ने कहा कि वह नानी को बता देगी इस पर आसिफ ने उसे मार दिया।
उसने सबसे पहले परी के हाथों को रस्सी से बांधा, फिर दोनों हाथों की नसें काटीं और गले पर ताबड़तोड़ वार करके मार डाला।
उसकी हैवानियत इस बात से उजागर हो जाती है कि उसने लाश को बक्से में भर दिया। किसी को शक न हो, इसलिए वह बीच-बीच में खोजबीन के दौरान भी मौजूद रहा।