फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   gauri murder case.

मोबाइल मैकेनिक सुलझाएगा गौरी हत्याकांड

Thu, 19 Feb 2015 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 19 Feb 2015 12:46 PM IST
विज्ञापन
gauri murder case.

कानून की छात्रा गौरी श्रीवास्तव की हत्या के मुख्य आरोपी हिमांशु प्रजापति व उसके दोस्त अनुज गौतम को पुलिस ने रिमांड का वक्त पूरा होने से 23 मिनट पहले बुधवार सुबह जेल पहुंचा दिया।

विज्ञापन


इसके बाद गौरी का मोबाइल फॉरमेट करने वाले दुकानदार से तहकीकात की और उसे सरकारी गवाह बनाने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर कलमबंद बयान दर्ज कराए।

गौरी हत्याकांड से जुड़ी विभिन्न बातों पर हिमांशु व अनुज गौतम से मंगलवार दोपहर से देरशाम तक पूछताछ की गई।

हिमांशु को अशोकनगर से गुरुगोविंद सिंह मार्ग होते हुए बांसमंडी चौराहा से एपी सेन रोड, ईको पार्क के रास्ते तेलीबाग व शहीद पथ के पास नहर के किनारे शरीर के टुकड़े फेंकने वाले स्थानों पर ले जाकर रूट चार्ट तैयार किया गया।

विज्ञापन

मोबाइल मैकेनिक से की तहकीकात

gauri murder case.

रूट चार्ट बनवाने के बाद दोनों को रात भर पुलिस लाइन में ही रखा। इस बीच आला अफसरों को पूछताछ का ब्यौरा बताया और बुधवार सुबह 9:37 बजे इंस्पेक्टर अमीनाबाद महंथ यादव ने दोनों को जेल में दाखिल करा दिया।

इस बीच तेलीबाग चौकी इंचार्ज विनोद कुमार सिंह ने मोबाइल वर्ल्ड नामक दुकान में मरम्मत व साफ्टवेयर का काम करने वाले शादाब हुसैन उर्फ अयान से संपर्क साधा और उसे लेकर अमीनाबाद कोतवाली पहुंचे।

आरोपियों को जेल में दाखिल कराकर लौटे विवेचक महंथ यादव ने शादाब से तहकीकात की। उसने बताया कि दो फरवरी को हिमांशु ने एक मोबाइल फॉरमेट कराया था।

गौरी के मोबाइल की फोटो दिखाने पर पहचाना। इंस्पेक्टर ने शादाब को सरकारी गवाह बनाने के लिए आला अफसरों से बात की और मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाकर कलमबंद बयान दर्ज कराए।

आरी व बैग बेचने वाले भी गवाह

gauri murder case.

पुलिस ने आठ फरवरी को हिमांशु प्रजापति व अनुज की गिरफ्तारी के चंद घंटों बाद तेलीबाग की काका मार्केट के पास चावला आयरन एवं सीमेंट स्टोर ट्रेडर्स के मालिक पवन चावला व संजय स्टेशनर्स एंड बुक स्टोर्स के मालिक से पूछताछ की थी।

दोनों को सरकारी गवाह बनाने के इरादे से बयान दर्ज किए, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज नहीं कराए गए थे।

विवेचक का कहना है कि उस वक्त हिमांशु व अनुज को जेल नहीं भेजा गया था। हिमांशु की मौजूदगी में दोनों दुकानदारों ने उसे पहचानने के साथ आरी व बैग खरीदने की पुष्टि की थी।

विज्ञापन

माता-पिता को गड़बड़ी का अंदेशा

gauri murder case.

बेटी के कातिल की आवाज सुनने और उससे राज की बातें पूछने के मौके का इंतजार कर रहे गौरी के पिता शिशिर श्रीवास्तव व मां तृप्ता को अब कुछ गड़बड़ लग रहा है।

दोनों का कहना है कि हिमांशु का पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने पर उन्होंने अपनी शंकाओं के समाधान की योजना बनाई थी।

दस सवाल तैयार किए थे। पहले हिमांशु की आवाज सुनने का इरादा था। एसएसपी ने भी सवाल पूछने का मौका देने का आश्वासन दिया था।

आला अफसर भी माता-पिता की शंकाओं के समाधान की बात कह रहे थे लेकिन पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे का रिमांड मांगा और आरोपी को अमीनाबाद कोतवाली लाने के बजाय पुलिस लाइन में कड़े पहरे के बीच बंद कमरे में पूछताछ की।

ऐसा लग रहा है कि गौरी की हत्या में कोई और भी शामिल है। इसी वजह से पुलिस ने आरोपी से सामना नहीं कराया।

अनुज के गुनाह का सुबूत नहीं

gauri murder case.

पुलिस ने गौरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी हिमांशु के साथ उसके दोस्त अनुज को साक्ष्य छुपाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

आला अफसरों ने अनुज की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई थी, लेकिन तहकीकात में जुटे पुलिस अफसरों ने सनसनीखेज वारदात में सिर्फ एक की गिरफ्तारी को लेकर अविश्वास की स्थिति बनने की बात कह दी।

तहकीकात में उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला है और न ही मुख्य आरोपी हिमांशु से पूछताछ में अनुज की संलिप्तता या राजदार होने की पुष्टि हुई।

पुलिस टीम मान रही है कि एक फरवरी को दोपहर बाद गौरी का गला दबाने के बाद घर पर ताला लगाकर निकला हिमांशु तीन घंटे अनुज के साथ रहा।
 
अनुज के परिवारीजनों का कहना है कि पुलिस ने सिर्फ अपनी थ्योरी को सही साबित करने के लिए उसे जेल भेजा है।

फिर गलत साबित हुआ गौरी का लोकेशन चार्ट

gauri murder case.

हिमांशु प्रजापति से गहन पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसे साथ लेकर पूरे घटनाक्रम का मिनट दर मिनट रूट चार्ट तैयार करने निकली।

हिमांशु ने लाटूश रोड से अशोक नगर की तरफ बढ़ने पर वह स्थान बताया जहां से गौरी को बाइक पर बैठाया था।
 
इसके बाद वह गुरु गोविंद सिंह मार्ग स्थित आधुनिक कूड़ाघर के सामने से बांसमंडी चौराहा होते हुए चारबाग के मोहन होटल के पास से एपी सेन रोड पर मुड़कर स्टेशन रोड पर पहुंचा।

वहां से केकेसी के सामने से तेलीबाग का रास्ता पकड़ लिया। पूछताछ कर रही पुलिस टीम को बताया कि वह एक फरवरी की दोपहर गौरी को साथ लेकर मॉडल हाउस इलाके में गया ही नहीं था।

उल्लेखनीय है कि सीएम की फटकार लगने पर पुलिस ने पांच फरवरी को गौरी का रूट चार्ट जारी करते हुए जानकारी दी थी कि गौरी 1:14 बजे तक घर पर थी।

इसके बाद 1:32 से 3:02 बजे तक उसका लोकेशन मॉडल हाउस इलाके में तारक मुखर्जी रोड पर था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed