सरेशाम गैंगस्टर की गोली मारकर हत्या, सनसनी
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वजीरगंज में कारगिल शहीद पार्क के पास सोमवार सरेशाम बुलेट से आए दो बदमाशों ने मड़ियांव के गैंगस्टर राजू पहाड़ी उर्फ कालू की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जेब से मिले डीएल से उसकी पहचान की। राजू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चोरी सहित अन्य मामलों के 35 से ज्यादा मुकदमे हैं।
पुलिस ने बताया कि राजू पहाड़ी को सआदतगंज पुलिस ने तीन मार्च को नकबजनी के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। वह 15 दिन पहले ही जमानत पर छूटा था। शाम को वह सुलभ शौचालय से बाहर निकलकर अपनी बाइक की तरफ जा रहा था तभी काले रंग की बुलेट से आए दो बदमाशों ने उसे दबोच लिया और लात-घूसों से पीटा।
एक बदमाश ने राजू के दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिए और उसके साथी ने तमंचा निकालकर पीठ पर गोली मार दी। इस दौरान हीटर पर ताप रहे कर्मचारी आकाश व लखन सहित अन्य लोग भाग खड़े हुए। आकाश और लखन ने ही पुलिस कंट्रोलरूम को सूचना दी। इस बीच बदमाश हवा में असलहा लहराते हुए भाग निकले।
पुलिस को .312 बोर का एक खोखा मिला है। पुलिस का कहना है कि वह डालीगंज की तरफ से आया था। राजू के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
लेन-देन या अवैध संबंध में हुई हत्या
राजू मूल रूप से नेपाल का है और यहां ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक लखनऊ में उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता है। 2004 में वह महानगर में किराये पर रहता था। यहां से उसने रहीमनगर डुडौली में अपना मकान बनवाया। बाद में उसने मकान बेच दिया और सआदतगंज में जलालपुर में किराये पर रहने लगा।
फिलहाल वह मड़ियांव के डुडौली बैजनगर में वह किराये के जिस मकान में रह रहा था वहां उसके साथ एक महिला भी रहती थी। पुलिस महिला से पूछताछ कर ही है। राजू की हत्या के पीछे लेन-देन का विवाद, चोरी के माल के बंटवारे को लेकर झगड़ा और अवैध संबंध को वजह मानते हुए पड़ताल की जा रही है।
सीएम के रूट पर हुई हत्या से मचा हड़कंप
राजू की सरेआम हत्या ने एक बार फिर राजधानी पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठा दिए हैं। हत्या उस रास्ते पर की गई जहां से सीएम की फ्लीट गुजरनी थी। यह रास्ता काफी व्यस्त रहता है। पुलिस-प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम किए थे। घटनास्थल से चंद कदम दूर रेजीडेंसी तिराहे पर बैरीकेडिंग की गई थी। यहां फोर्स तैनात थी। शहीद स्मारक पर भी पुलिसकर्मी मौजूद थे।
दोबारा तमंचा लोडकर चलाई गोली
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हत्यारों ने आते ही राजू को दबोच लिया। बदमाश के साथी ने तमंचा निकालकर राजू की पीठ के निचले हिस्से पर फायर कर दिया। इसके बाद बदमाश ने दोबारा तमंचा लोड कर एक और गोली चलाई।
शाम सवा पांच बजे की थी आखिरी कॉल
राजू के मोबाइल फोन की पड़ताल में पुलिस को छह नंबर ऐसे मिले हैं जिनमें वारदात से कुछ घंटे पहले तक कई बार बातचीत हुई। यह नंबर जिस व्यक्ति का है, उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है।