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फर्जी लेटर हेड पर ट्रेनों में कोटा,जालसाज गिरफ्तार
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Mar 2014 08:47 AM IST
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ट्रेनों में वीआईपी कोटे की सीटें हासिल करने के लिए लेटरहेड के दुरुपयोग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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सोमवार को डीसीएम अमिताभ कुमार ने अखिल भारतीय रेलवे प्रोन्नति अधिकारी महासंघ के लेटरहेड से कोटा कंफर्म कराने वाले जालसाज को दबोचा।
अमिताभ कुमार इस समय उत्तर रेलवे के मंडल वाणिज्य प्रबंधक (डीसीएम) के पद पर तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पता चला कि अखिल भारतीय रेलवे प्रोन्नति अधिकारी महासंघ के लेटरहेड से कोई फर्जी तरीके से वीआईपी कोटे की सीट हासिल कर रहा है।
इस पर अमिताभ कुमार ने एक यात्री को पुष्पक एक्सप्रेस में वीआईपी कोटा से सीट देकर पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर विक्रम को भेजा।
विक्रम ने पूछताछ की तो बताया गया कि निशातगंज के पेपरमिल कॉलोनी निवासी जीसी खरे ने उसका टिकट कन्फर्म कराया था।
जांच में पता चला कि जीसी खरे डीआरएम ऑफिस में स्टोर में तैनात रहे एक दिवंगत कर्मचारी का रिश्तेदार है। जीसी खरे सोमवार को एक ट्रेन के बारे में पूछताछ करने और अपने परिचित का रेलवे सुविधा पास बनवाने डीआरएम ऑफिस आया था।
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यहां सेंट्रल इन्क्वायरी के इंचार्ज ने जीसी खरे को पहचान लिया और इसकी जानकारी वाणिज्य अनुभाग के कर्मचारी लिपि जैन को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने जीसी खरे का मोबाइल फोन नंबर और राइटिंग का मिलान कर लिया।
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पुष्टि होने पर जीसी खरे को पकड़कर हजरतगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में जीसी खरे ने बताया कि दो साल पहले एक सांसद के साथ डीआरएम ऑफिस आया था। इसके बाद से वह लगातार डीआरएम ऑफिस में कोटे के लिए आता रहता था।
गौरतलब हो कि बीती 24 दिसंबर को पूर्व सांसद डॉ. एके मिश्र के लेटरहेड पर सांसद धर्मेंद्र यादव की आईसी से टिकट बनवाकर वीआईपी कोटे से टिकट कन्फर्म कराने का मामला पकड़ा गया था। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।