बेकाबू बाइक की टक्कर से स्कूली रिक्शा पलटा, पांच बच्चे जख्मी
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माल एवेन्यू स्थित चिल्ड्रेन पैलेस स्कूल के सामने बुधवार सुबह बेकाबू बाइक सवार युवक ने एक स्कूली रिक्शे में टक्कर मार दी। हादसे में रिक्शा पलट गया और उसमें बैठे नर्सरी व केजी के पांच बच्चे दहशत में आकर चीखने लगे।
हादसे के वक्त स्कूल के गेट पर अभिभावकों की भीड़ एकत्र थी। चीख-पुकार सुनकर वह बच्चों को बचाने दौड़े। लॉरेटो चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर आ गए। बाइक सवार को पकड़कर गौतमपल्ली थाना ले जाया गया। जबकि बच्चों को सिविल अस्पताल भेज दिया गया।
सूचना पर अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। दो बच्चों को काफी चोट लगी है। जबकि तीन को मामूली खरोंचे आई थीं। उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया।
हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ। रिक्शा चालक सदर से नर्सरी में पढ़ने वाली रिशिता सिंह, अम्मार, अमीना, नमन और केजी की छात्रा आराध्या को लेकर स्कूल आ रहा था।
चालक उछलकर दूर गिरा, जबकि रिक्शा घिसटता गया
लॉरेटो चौराहा पार करके रिक्शा चालक स्कूल की तरफ मुड़ा तभी ओवरब्रिज से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी। चालक उछलकर दूर जा गिरा जबकि रिक्शा पलटकर काफी दूर तक घिसटता चला गया।
रिक्शा बंद होने के चलते बच्चे सड़क पर नहीं गिरे। इससे बड़ा हादसा टल गया। रिशिता के माथे व नमन के चेहरे पर काफी चोटें आई हैं। जबकि अन्य बच्चों को खरोंचे आई हैं। दोपहर बाद गौतमपल्ली पुलिस ने स्कूल जाकर घटना और घायलों के संबंध में जानकारी ली।
बच्चों को देख आई जान में जान
सूचना पर अभिभावक अस्पताल पहुंचे और बच्चों की चोटें देखकर रोना-पीटना मच गया। डॉक्टर ने बच्चों के सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया तब अभिभावकों की जान में जान आई। चार घंटे बाद डॉक्टर ने बच्चों को घर ले जाने की इजाजत दे दी। रिशिता के पिता दिलीप सिंह के अनुसार, हादसे की जानकारी के बाद वह डर गए थे।
स्पीड ब्रेकर न होने से रोज होते हैं हादसे
कैंट फ्लाईओवर से लॉरेटो चौराहे जाने वाले वाहनों की स्पीड काफी ज्यादा होती है। फ्लाईओवर से उतरते ही बायीं तरफ स्कूल है। सुबह बच्चों के आने-जाने से यहां लगभग रोज ही हादसे होते हैं।
स्कूल प्रबंधन ने हादसों को रोकने के लिए डीएम से स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की थी। यहां स्पीड ब्रेकर बनवाए भी गए लेकिन, कुछ ही दिन टिक सके।
स्पीड ब्रेकर न होने से वाहन चालक तेज गति से नीचे उतरते हैं और अचानक स्कूली बच्चों के सामने आ जाते हैं। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि डीएम और पीडब्ल्यूडी को कई बार स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर बनवाने के लिए कहा गया लेकिन, कोई ध्यान नहीं दे रहा।