हत्थे चढ़ा मुख्यमंत्री का फर्जी निजी सचिव
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क्राइम ब्रांच व हजरतगंज पुलिस की टीम ने इटावा में कपड़े की एक दुकान पर छापा मारकर मुख्यमंत्री के फर्जी निजी सचिव को गिरफ्तार किया है।
उसने रकम ऐंठने के इरादे से कई अफसरों को फोन करके उनके खिलाफ शिकायत पर जांच व कार्रवाई की धमकी दी थी। बदायूं में पीडब्ल्यूडी के एक अफसर से उसने अपने खाते में डेढ़ लाख रुपये जमा करवा लिए थे।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि आगरा के सहायक आबकारी आयुक्त राजनारायण यादव ने एक जालसाज के खिलाफ गत 26 दिसंबर को हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जालसाज ने खुद को मुख्यमंत्री का निजी सचिव बताते हुए उन्हें फोन करके उनके खिलाफ शिकायत की जानकारी दी और कार्रवाई से बचने के लिए मोटी रकम मांगी।
राजनारायण यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय के उच्चाधिकारियों को मामले के बारे में बताने के साथ ही फोन नंबर के आधार पर पुलिस से शिकायत की थी।
इस पर क्राइम ब्रांच व हजरतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से जालसाज की तलाश शुरू की। पता चला कि इटावा के पश्चिमी साबितगंज निवासी मो. हनीफ उर्फ आलमगीर इस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा है।
पुलिस टीम ने इटावा पहुंचकर तहकीकात की और मोहल्ला बजाजा लाइन में ममता साड़ी सेंटर पर शनिवार को छापा मारकर मो. हनीफ को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने कुबूला कि वह जसवंतनगर निवासी उदयवीर के साथ मिलकर अनेक अफसरों को कार्रवाई की धमकी देकर रकम ऐंठ चुका है।
पुलिस टीम ने जालसाजी में इस्तेमाल मोबाइल व सिमकार्ड बरामद करने के साथ मो. हनीफ को लखनऊ लाकर गहन पूछताछ की। इसके साथ उदयवीर की तलाश शुरू की है।
तहकीकात में खुलासा हुआ कि मो. हनीफ व उदयवीर खुद को मुख्यमंत्री का पीए या सत्तापक्ष के प्रभावशाली सांसद या विधायक बताकर अफसरों को फोन करके शिकायत मिलने की बात कहकर हड़काते थे।
इसके बाद उनसे डील शुरू करते। मामला तय होने पर उन्हें बैंक का खाता नंबर बताकर उसमें रकम जमा करा लेते थे। दोनों ने कुछ दिनों पहले बदायूं में पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी को धमकाकर खाते में डेढ़ लाख रुपये जमा कराए थे।