नींद में खलल पड़ी तो मां को कुल्हाड़ी से काट डाला
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भाभी-भतीजे पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया। बीचबचाव करने आई 55 साल की मां को बेरहमी से काट डाला। दिल दहला देने वाली यह घटना गोसाईंगंज में शुक्रवार देर रात हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी उसके घर के पास स्थित तालाब से बरामद कर ली गई है। गोसाईंगंज के दुनियापथखेड़ा गांव निवासी मजदूरी करने वाला बसंत शराब के नशे में धुत होकर सो रहा था। रात करीब साढ़े दस बजे बगल की कोठरी में सो रहा उसका भतीजा रोने लगा। नींद टूटने से गुस्साए बसंत ने कुल्हाड़ी से भतीजे व भाभी पर हमला कर दिया।
मां-बेटे चीखते हुए बाहर भागे। शोर सुनकर सामने झोपड़े में लेटी मां फूलमती (55) बहू-पोते को बचाने आई। बसंत ने ताबड़तोड़ वार कर मां की हत्या कर दी। फूलमती पति सुंदरलाल संग झोपड़े में रहती थीं। बसंत उनके पांच बेटों में तीसरे नंबर का है। बड़ा बेटा रामप्रसाद उर्फ बउवा और बजरंग पड़ोसी गांव में स्थित अपनी ससुराल में रहते हैं।
जबकि चौथे नंबर का राजकुमार गांव में ही दूसरे मकान में रहता है। बसंत और सबसे छोटा बेटा रामेश्वर मां के झोपड़े के सामने ही अलग-अलग कोठरी में रहते हैं। रामेश्वर ने बसंत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सबको देता था जानमाल की धमकी
बसंत को शक था कि मां व परिवार के सदस्यों ने उस पर टोना-टोटका करा दिया है। इसे लेकर उसका अक्सर झगड़ा भी होता था। परिवारीजनों का कहना है कि बसंत की मानसिक स्थित डेढ़ साल से खराब है।
वह सबको जान से मारने की धमकी देता था। पत्नी सीमा और पांच वर्षीय बेटे पंकज व आठ महीने के विनीत से भी मारपीट करता था। इससे पत्नी व बच्चे कई बार घर छोड़कर भी जा चुके हैं।
गांव में भी वह छोटी-छोटी बातों पर सबसे भिड़ जाता था और जान से मारने की धमकी देता था। शुक्रवार को उसने पत्नी-बच्चों से मारपीट की तो वह मझिगवांकापुरवा निवासी ननद के घर चली गई। बसंत ने वहां भी हंगामा किया और पत्नी-बच्चों को घर ले आया।
सीमा ने बताया कि कई बार झाड़-फूंक कराई, लेकिन सुधार नहीं हुआ। बसंत दो बार फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश भी कर चुका है।
मच्छरदानी ने बचा लिया मां-बच्चे को
रामेश्वर ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे नशे की हालत में घर पहुंचे बसंत ने चारपाई बिछाई और कुल्हाड़ी पास में रखकर सो गया। पत्नी व बच्चे मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे। हमले में मच्छरदानी फट गई। बसंत ने दूसरा वार किया तो उसने हाथ लगा दिया।
फूलमती की चीखें सुनकर पति सुंदरलाल और गांव के लोग जुट गए। करीब 12 बजे बेटों ने मॉडर्न कंट्रोलरूम और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। एएसपी ग्रामीण मनोज सोनकर, एसओ अरविंद पांडेय मौके पर पहुंचे। किसी ने बताया कि बसंत को बाग की तरफ भागते देखा है। तलाश में बाग के पास ही बसंत नजर आ गया। घेराबंदी करने पर वह पथराव करने लगा। गांव के ही अजमेर सिंह यादव पत्थर लगने घायल हो गया।
बहू-पोते पर हमला कर रहे बसंत को फूलमती ने बुरा भला कहा तो वह झोपड़े में घुसा और कुल्हाड़ी से उनके चेहरे पर एक वार किया। खून से लथपथ फूलमती चारपाई पर गिर पड़ीं। इसके बाद बसंत बाहर निकला, इस बीच मां की कराहने की आवाजें उसके कान में पड़ीं। वह फिर लौटा और बोला, ‘अभी तुम्हारी सांस चल रही है।’ इसके बाद मां की हत्या कर दी। इसके बाद बसंत ने कुल्हाड़ी पास ही तालाब में फेंक दी और कोठरी में जाकर चारपाई पर लेट गया।