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सलीम की होगी नामजदगी, दिल्ली पुलिस भी फंसेगी
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Sun, 13 Oct 2013 03:31 AM IST
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सुपारी किलर रोमेश शर्मा और कामरान की कॉल डिटेल से क्राइम ब्रांच को छावनी परिषद के पूर्व सदस्य पप्पू पांडेय की हत्या में सीरियल किलर सलीम का कनेक्शन मिल गया है।
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ऐसे में सलीम के साथ आने वाले दिल्ली पुलिस के जवानों की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है। मोबाइल फोन पुलिस के जवानों का होता था या वे इंतजाम करते थे? फिलहाल इसकी छानबीन चल रही है।
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पप्पू पांडेय की हत्या का आरोप सीरियल किलर सलीम के सिर पर आ रहा है। मौके पर पकड़े गए सुपारी किलर रोमेश उर्फ सुनील शर्मा ने भी सलीम के इशारे पर हत्या की बात कही थी।
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हालांकि, पांडे के परिवारवालों ने एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया है। हालांकि, रोमेश से पूछताछ के बाद कामरान सहित कई अन्य लोगों के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली गई,जिसमें कई अहम जानकारी सामने आईं।
रोमेश और कामरान की फरहान से लगातार मोबाइल फोन पर बातचीत हो रही थी। फरहान की कॉल डिटेल निकालने पर दिल्ली-लखनऊ और इनके बीच के शहरों में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से बातचीत की जानकारी मिली।
क्राइम ब्रांच ने बारीकी से पड़ताल की तो पता चला फरहान की बातचीत सीरियल किलर सलीम से होती थी। क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि सलीम अक्सर पेशी पर लखनऊ आता था।
तिहाड़ जेल से बाहर निकलते ही उसे मोबाइल फोन मिल जाता था, जो लखनऊ और यहां से वापस तिहाड़ पहुंचने तक उसके पास रहता था। इस दौरान सलीम रास्ते भर अपने गुर्गों से बातचीत करता था।
क्राइम ब्रांच का मानना है कि सलीम दिल्ली पुलिस के जवानों का हर तरह से ख्याल रखता था, इसलिए वही उसे मोबाइल उपलब्ध कराते होंगे।
क्राइम ब्रांच की इस पड़ताल के बाद सलीम को दिल्ली से लखनऊ लाने और ले जाने वाले दिल्ली पुलिस के जवानों पर भी कानूनी शिकंजा कस गया है।
एसपी क्राइम रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सलीम नामजद नहीं है लेकिन जो तथ्य मिल रहे हैं, उनके आधार पर एफआईआर में उसका नाम जोड़ा जाएगा।
डॉन से जुड़ना चाहता था कामरान
डॉन और सीरियल किलर सलीम का जलवा देखकर शूटर कामरान उसका खास आदमी बनना चाहता था। कामरान ने बताया कि पुलिस हिरासत में होने के बाद सलीम का रुतबा और बढ़ गया था।
रोज पेशी पर आकर अपने लोगों को काम बताता था। पार्षद पप्पू पांडेय से अपने भाई की हत्या का बदला लेने के साथ ही सलीम शहर के संपन्न लोगों को मैसेज भी देना चाहता था।
यही वजह है कि सरेशाम और भीड़भरे इलाके में हत्या करने को कहा था। सलीम का काम करके कामरान उसका खास आदमी बनना चाहता था।
एसपी क्राइम रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सलीम अपना काम कराने के लिए छोटे-छोटे लड़कों को तैयार करता है। नए लड़के आठ-दस हजार रुपये के लिए किसी को भी मारने को तैयार हो जाते हैं।
कामरान काफी शातिर किस्म का है। वह हमेशा बड़े बदमाशों से जुड़ना चाहता था, इसलिए सलीम के इशारे पर महज 2,000 रुपये में हत्या करने को तैयार हो गया।
कामरान का कहना है कि फरहान ने 10,000 रुपये में हत्या की सुपारी लेने की जानकारी दी थी जबकि पुलिस के मुताबिक हत्या का सौदा 20,000 रुपये में तय हुआ था।