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नौकरी छोड़ी तो टीचर को बना दिया लुटेरा

Mon, 08 Dec 2014 12:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 08 Dec 2014 12:01 PM IST
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coaching director filed a fraud report against teacher.

महानगर इलाके में टाइम कोचिंग के संचालक ने टीचर के नौकरी छोड़ने पर उसे फंसाने के लिए कुचक्र रचा। पुलिस को लूट की फर्जी सूचना दी और आला अफसरों से नजदीकी का रौब दिखाकर टीचर को गिरफ्तार कराने का दबाव बनाने लगा।

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पता चला कि कोचिंग संचालक ने जिस वक्त लूट की सूचना दी, उस समय टीचर विभूति खंड थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा रहा था। महानगर पुलिस ने दोनों को एसएसपी के सामने पेश किया। पुलिस के कड़क तेवर पर कोचिंग संचालक ने सच उगला और लिखित माफी मांगकर पीछा छुड़ाया।
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पुलिस के मुताबिक, महानगर क्षेत्र में टाइम कोचिंग के संचालक आशीष सिन्हा ने शनिवार दोपहर पुलिस को फोन करके अपने ऑफिस से 2,66,375 रुपये की लूट की सूचना दी। इंस्पेक्टर महानगर संजय नाथ तिवारी फोर्स लेकर आननफानन में मौके पर पहुंचे।
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आशीष ने कहा कि विनम्र खंड निवासी प्रशांत पांडेय ने कुछ दिनों पहले काम छोड़ा है और उसी ने वारदात की है। इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के साथ प्रशांत के घर दबिश दी। घर में मिले प्रशांत को महानगर कोतवाली लाकर पूछताछ शुरू की।

इंस्पेक्टर महानगर ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि सामान्य ज्ञान (जीके) का टीचर प्रशांत काफी समय से टाइम कोचिंग में 35 हजार रुपये के वेतन पर नौकरी कर रहा था। इस बीच, एक अन्य कोचिंग संस्थान में उसे 60 हजार रुपये के वेतन का ऑफर मिला।

नौकरी छोड़ने पर रोज मिलती थी धमकी

coaching director filed a fraud report against teacher.

प्रशांत ने 2 दिसंबर को टाइम कोचिंग की नौकरी छोड़ दी। इसके साथ संचालक को फोन करके जानकारी दे दी थी। आरोप है कि नौकरी छोड़ने से नाराज आशीष सिन्हा और उसकी पत्नी अपराजिता ने प्रशांत को फोन करके अभद्रता की और धमकाया।

असर न पड़ने पर अगले दिन अपने करीबियों को प्रशांत के घर भेजकर धमकी दिलाई और नौकरी पर लौटने को कहा। इन्कार पर उसे फोन पर धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया।

प्रशांत का कहना है कि धमकियों से आजिज आकर वह शनिवार दोपहर डेढ़ बजे विभूति खंड थाने पहुंचा और आशीष, अपराजिता, उनके करीबी सचिन और हिमांशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इंस्पेक्टर महानगर ने विभूति खंड थाने में तहकीकात की। पता चला कि प्रशांत थाने में मौजूद रहा था। इस बीच एसएसपी यशस्वी यादव को टाइम कोचिंग में लूट की भनक लगी। इंस्पेक्टर द्वारा सारा मामला बताने पर उन्होंने आशीष सिन्हा व प्रशांत को अपने समक्ष तलब किया।

आशीष ने एसएसपी के सामने भी पुलिस के कई अफसरों के नाम लेकर अपना करीबी बताते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस के तेवर कड़े होते ही कुबूला कि प्रशांत को फंसाने के लिए लूट की फर्जी सूचना दी थी।

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