फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Case on the dismissed babu

एलडीए के बर्खास्त बाबू ओझा पर केस, आय से अधिक संपत्ति का आरोप

Sun, 31 Mar 2019 01:51 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Sun, 31 Mar 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
Case on the dismissed babu
बर्खास्त बाबू - फोटो : अमर उजाला
एलडीए के बर्खास्त बाबू मुक्तेश्वर नाथ ओझा के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक दिनेश पाल सिंह ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक राम सूरत सोनकर ने बताया कि ओझा के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन ने विजिलेंस को खुली जांच के आदेश दिए थे।
विज्ञापन


इसी रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को गोमती नगर थाने में केस दर्ज कराया गया। मामले की विवेचना विजिलेंस ही करेगी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुक्तेश्वर नाथ ओझा के खिलाफ एलडीए में भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।
विज्ञापन


उसने एलडीए के प्लॉटों में फर्जीवाड़ा कर न सिर्फ करोड़ों रुपये कमाये, बल्कि कई संपत्तियां अपने परिवारीजनों के नाम पर कर दीं थीं। एलडीए वीसी प्रभु नारायण सिंह ने बाबू के खिलाफ जांच बैठाई थी, जिसमें उसके फर्जीवाड़ों का खुलासा हुआ। वीसी ने अपने ऑफिस में पुलिस बुलवाकर भ्रष्टाचार के आरोपी बाबू को गिरफ्तार कराया था। इसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शासन ने दिए थे खुली जांच के आदेश
 इससे पूर्व शासन ने 23 नवंबर 2015 को मुक्तेश्वर नाथ ओझा के खिलाफ विजिलेंस को खुली जांच के आदेश दिए थे। जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पता चला कि ओझा ने अपनी आय की तुलना में 189.32 प्रतिशत अधिक खर्च किया था। खर्च की गई रकम किस स्रोत से आई? इस बारे में मुक्तेश्वर नाथ ओझा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। विजिलेंस ने 30 जनवरी 2019 को जांच पूरी कर शासन को आख्या भेजी। इसके बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए गए।
25 साल में 16.36 लाख कमाये और 47.36 लाख खर्च किए
विजिलेंस के सूत्रों ने बताया कि वर्ष 1989 से 31 अगस्त 2014 तक मुक्तेश्वर नाथ ओझा की संपत्तियों की खुली जांच में पता चला कि 25 साल की उपरोक्त अवधि में ओझा ने आय के वैध स्त्रोतों से 16,36,916 रुपये कमाए। हालांकि, उपरोक्त अवधि में उसने विभिन्न चल-अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और पारिवार के भरण-पोषण में कुल 47,36,039 रुपये खर्च किए। रुपया कमाने और खर्च का यह अंतर तीन गुना से भी अधिक पाया गया।

विराटखंड स्थित घर से परिवार समेत गायब है ओझा
एलडीए से बर्खास्त होने के बाद से मुक्तेश्वर नाथ ओझा परिवार समेत गायब है। उसका विराटखंड स्थित आलीशान मकान खाली पड़ा हुआ है। स्थानीय पुलिस और विजिलेंस की टीम कई बार ओझा की तलाश करते हुए उसके घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। एलडीए सूत्रों का कहना है कि ओझा फिलवक्त अपने गांव में है।

 
समायोजन में खेल और फर्जी हस्ताक्षर से फर्जीवाड़ा
मुक्तेश्वर नाथ ओझा एलडीए में संविदा पर काम करता था। बाद में कनिष्ठ लिपिक के पद पर उसकी नौकरी स्थाई की गई। वह फर्जीवाड़ा करने में माहिर था। उसने एलडीए के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कई प्लॉट का समायोजन कराया तो कई बड़े प्लॉट बेच डाले। जांच में फंसने पर शातिर ओझा ने एलडीए से कई महत्वपूर्ण मामलों की फाइलें ही गायब कर दी थीं। उसने अपने व परिवारीजनों के नाम से एलडीए के कई प्लॉट ले रखे थे। एलडीए ने कुछ प्लॉट निरस्त भी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed