फेसबुक पोस्ट से खुला हत्या का राज, पत्नी के प्रेमी ने मारी थी कारोबारी को गोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के पीजीआई थानाक्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर टेंट कारोबारी राजकुमार यादव उर्फ बबलू (35) की हत्या उसकी पत्नी के प्रेमी अंबेडकरनगर निवासी अभिषेक राय ने गोली मारकर की थी। हत्या के वक्त से ही पुलिस ने करीबी पर संदेह जताया था। पीजीआई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए सोमवार को हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बाइक व पिस्तौल बरामद कर ली है। अभिषेक ने भी इंटर की परीक्षा का फार्म भरा था। लेकिन सरकार की सख्ती के बाद उसने परीक्षा छोड़ दी थी।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आलमबाग मवैया निवासी राजकुमार का शव वृंदावन कॉलोनी के एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट के सामने एसयूवी की ड्राइविंग सीट पर मिला था। हत्या के बाद मवैया से लेकर मामा तिराहे तक चार स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। इसके लिए कांस्टेबल विमल यादव को लगाया गया था। सभी फुटेज में राजकुमार के एसयूवी के पीछे अभिषेक बाइक से जाता दिखा। वारदात के बाद से उसका कोई सुराग भी नहीं मिल रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने अभिषेक का फेसबुक अकाउंट खंगालना शुरू किया। उसने दो फेसबुक पेज बनाए थे। एक अभिषेक व दूसरा अर्जुन सिंह के नाम से।
डिटेल खंगाली गई तो अंबेडकरनगर के खेमापुर का पता सामने आया। छापेमारी में वह तो घर पर नहीं मिला, लेकिन उसका नया मोबाइल नंबर हाथ लग गया। उसे सर्विलांस पर लगाया गया तो लोकेशन लखनऊ में मिली। रविवार रात अभिषेक को अंसल एपीआई के स्टैच्यू के पास से दबोच लिया गया। उसके फेसबुक अकाउंट में कुछ अन्य पेज भी मिले। इसमें तीन पेज पर राजकुमार की पत्नी का फोटो लगा था। तीनों अलग-अलग नाम से थे। पूछताछ में अभिषेक ने कुबूला कि राजकुमार की हत्या के लिए करीब 40 मिनट तक उसके घर के पास बाइक से इंतजार किया था। इसके बाद पीछा कर सुनसान जगह एसयूवी रुकवाई और बातचीत के दौरान गोली मार दी।
राजकुमार ने की थी पिटाई
एसएसपी ने बताया कि अभिषेक 2016 से तेलीबाग के राजीवनगर में बुआ के घर पर रहकर गिटार बजाना सीख रहा था। पड़ोस में राजकुमार की पत्नी का मायका है। अभिषेक ने कुबूला कि बीते अक्तूबर को राजकुमार की पत्नी से मुलाकात हुई थी। जब वह ससुराल मवैया चली गई तो गुंजू यादव के घर पर उसने कमरा किराए पर ले लिया। दोनों के प्रेम संबंध की जानकारी पर राजकुमार व उसकी पत्नी में झगड़ा होने लगा।
इस बीच अभिषेक गांव गया तो राजकुमार ने मकान मालिक से बातचीत कर उसका कमरा खाली करवा दिया। अभिषेक जब लौटा तो इसे लेकर राजकुमार से कहासुनी हुई। राजकुमार ने पिटाई कर दी तो हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए अपने कुछ अपराधी दोस्तों से देसी पिस्तौल लिया था।
चार महीने में ही दोस्ती में आ गई दरार
इंस्पेक्टर पीजीआई अरुण कुमार राय ने बताया कि कॉल डिटेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक व राजकुमार की पत्नी के बीच 40 से 70 मिनट तक बात होती थी। सप्ताहभर के अंदर ही दोनों के बीच करीब 600 मिनट की वार्ता का रिकॉर्ड मिला है। लेकिन यह दोस्ती ज्यादा दिन तक नहीं चली। जनवरी आते-आते दोस्ती में दरार आने लगी। राजकुमार की पत्नी ने अभिषेक से दूरियां बनानी शुरू कर दीं तो वह नाराज रहने लगा।
अवैध संबंधों की दी थी जानकारी और तस्वीरें भी दिखाई
सीओ कैंट तनु उपाध्याय के मुताबिक, पूछताछ में अभिषेक ने कुबूला कि इस बीच उसे पता चला कि राजकुमार का किसी युवती से संबंध है। इसकी जानकारी उसने राजकुमार की पत्नी को दी। यही नहीं, भरोसे में लेने के लिए कुछ तस्वीरें भी दिखाईं। इसे लेकर दंपती में फिर झगड़े होने लगे। इसके बाद से राजकुमार ने पत्नी को खर्च देना बंद कर दिया था।
घर से हर महीने मिलते थे 50 हजार रुपये
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स के मुताबिक, अभिषेक के घरवालों के पास चार विद्यालय हैं। खर्च के लिए घर से 50 हजार रुपये हर महीने आता था। एक बार वह अलीगंज में अवैध असलहों के साथ पकड़ा भी गया था। तब पुलिस ने कार्रवाई के बजाए रफादफा कर दिया। इन्हीं दोस्तों ने अभिषेक को देसी पिस्तौल उपलब्ध कराया था।
कॉल डिटेल ने उड़ाए पुलिस के होश
पुलिस के मुताबिक, राजकुमार की हत्या के बाद जब परिवारीजनों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई तो होश उड़ गए। राजकुमार के मोबाइल में कई संदिग्ध महिलाओं के नंबर मिले।
वहीं, उसकी पत्नी के मोबाइल से भी कई नंबर संदिग्ध मिले। अभिषेक के अलावा गोंडा व गोरखपुर के रहने वाले दो युवकों से भी राजकुमार की पत्नी बातचीत होती थी। तीनों मोबाइलों की डिटेल खंगाली गई तो अभिषेक की लोकेशन वारदात के दिन राजकुमार के मोबाइल के पास थी।
इस टीम ने किया खुलासा
टेंट कारोबारी हत्याकांड का खुलासा करने में इंस्पेक्टर पीजीआई अरुण कुमार राय, एसएसआई रमाकांत द्विवेदी, एसआई रणजीत सिंह, सर्विलांस सेल के एसआई आशीष द्विवेदी, कांस्टेबल रामनिवास शुकला, कांस्टेबल विमल, प्रवीण कुमार, दीपक तेवतिया, सत्येन्द्र चाहर, राजेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र सिंह, वीर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।