डकैतों ने चार घरों पर ढ़ाया कहर, बंधक बना दस लाख की डकैती
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मलिहाबाद में असलहाधारी बदमाशों ने मंगलवार आधी रात हटौली व अमानीगंज के चार मकानों में धावा बोलकर लगभग दस लाख रुपये के जेवर-नकदी लूट लिए। हटौली में डकैत कच्छा-बनियान पहने थे जबकि अमानीगंज में पैंट-शर्ट। उनके पास चाकू और कट्टे थे।
असलहों की नोक पर डकैतों ने परिवारीजनों को बंधक बनाकर दो घंटे तक लूटपाट की। डकैतों के भागने के बाद पीड़ितों ने मॉडर्न पुलिस कंट्रोलरूम को सूचना दी। सीओ जावेद खां व एसओ राम आशीष उपाध्याय मौके पर पहुंचे और शक के आधार पर कई संदिग्धों व फेरीवालों को पकड़ा है।
डकैतों का पहला निशाना हटौली गांव निवासी फेरी लगाकर जूते-चप्पल बेचने वाले चांद बाबू बने। वह पत्नी शहरोज बानो और डेढ़ साल के बच्चे के साथ सो रहे थे तभी रात करीब एक बजे दीवार फांदकर डकैत भीतर घुस आए और जेवर व नकदी समेटकर बाहर से दरवाजे की कुंडी बंद कर पड़ोसी चांद बाबू के भाई अल्ताफ के मकान में कूद गए।
इस तरह दूसरी जगह भी वारदात को दिया अंजाम
अल्ताफ, बाहर के कमरे में लेटे पिता नबी बख्श, पत्नी शमीम बानो और चार बच्चों को बंधक बनाकर डकैतों ने यहां भी लूटपाट की और भाग गए। चांद बाबू और अल्ताफ का कहना है कि डकैत करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 27 हजार कैश ले गए।
डकैती की दूसरी वारदात रात करीब ढाई बजे अमानीगंज गांव में हुई। यहां भी असलहों से लैस पांच बदमाशों ने लोडर चालक विपिन और उसके भाई पौधा दुकानदार सरवन को निशाना बनाया। बदमाश पहले विपिन के मकान की दीवार फांदकर भीतर घुसे और उसकी पत्नी दीपिका व एक साल के बच्चे को बंधक बना लिया।
विपिन के पेट से चाकू सटाकर आलमारी व बक्से की चाबियां मांगी और 80 हजार रुपये के जेवर तथा छह हजार कैश लूट लिए। एक बदमाश वहीं रुका रहा जबकि चार बदमाश आंगन में सीढ़ी लगाकर पड़ोस में उसके बडे़ भाई सरवन के घर फांद गए। सरवन, उसकी पत्नी मीना व चार बच्चों के हाथ-पैर अंगौछे से बांध दिए।
इसके बाद आलमारी में रखे डेढ़ लाख के जेवर और 65 हजार रुपये लूट लिए। विपिन ने बताया कि बदमाश पैंट-शर्ट पहने थे और डकैतों की तरह कारतूस की पेटी लगा रखी थी। उनके पास अद्धी, तमंचे और चाकू थे। डकैतों के जाने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसओ ने बताया कि लूट की एफआईआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
एक ही गिरोह के होने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि चारों वारदात एक ही गिरोह ने की हैं। पीड़ित परिवारों से पूछताछ में पता चला है कि चांद बाबू और उनके भाई अल्ताफ के यहां बदमाश कच्छा-बनियान पहनकर आए थे जबकि विपिन और सरवन के घर पैंट-शर्ट पहने बदमाशों ने धावा बोला था।
बदमाशों के कपड़े भले अलग थे लेकिन, असलहे एक जैसे ही थे। चारों जगह बदमाशों ने अद्धी, तमंचे, चाकू का इस्तेमाल किया। पीड़ितों ने कुछ लोगों के बातचीत करने का अंदाज भी एक ही जैसा बताया।
तमंचा तानकर खुलवाया दरवाजा
अल्ताफ के पिता नबी बख्श छत पर सो रहे थे जबकि बाकी सदस्य नीचे के कमरों में थे। बदमाश छत के रास्ते से घुसे और सबसे पहले उन्हें काबू में किया। नीचे जाने के लिए सीढ़ियों का दरवाजा बंद था। नबी बख्श की कनपटी पर तमंचा तानकर बदमाशों ने घरवालों से दरवाजा खुलवाया और सबको बंधक बनाकर लूटपाट की।
बच्चे के रोने पर जागा चांद बाबू तो बांधे हाथ-पैर
चांद बाबू के घर पर लूटपाट के बाद चार बदमाश उसके भाई अल्ताफ के घर पर कूदे गए जबकि तीन बदमाश दरवाजे के आसपास ही खड़े हो गए। इस बीच बच्चे के रोने पर चांद बाबू और उसकी पत्नी की नींद खुल गई। उसने दरवाजा खोला तो बाहर से कुंडी बंद पाई। चांद बाबू किसी तरह बाहर निकला तो बदमाशों को देखकर उसके होश उड़ गए। बदमाशों ने उसकी ही शर्ट से हाथ-पैर बांध दिए।