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नीली बत्ती उतारने पर सीओ से भिड़े पीलीभीत के डीएफओ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 04 Jan 2014 08:38 AM IST
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इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पर शुक्रवार को वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पीलीभीत के डीएफओ रामसजीवन गरमा गए।
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सीओ महानगर राजेश कुमार श्रीवास्तव से शेरों की गोपनीय सूचना के सिलसिले में लखनऊ आने की बात कही, लेकिन पुलिस नहीं मानी।
नीली बत्ती व हूटर उतारकर डीएफओ की गाड़ी का चालान कर दिया गया। अभियान के दौरान कई जगह वाहन चालकों की पुलिस से झड़प हुई।
सीओ महानगर ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पर शाम साढ़े चार बजे डीएफओ की नीली बत्ती और हूटर लगी कार रोकी गई थी।
वह सरकारी काम से आने की बात कहते हुए अड़ गए, लेकिन कार्रवाई से बच नहीं सके। गोल चौराहा पर सीओ ने एक काली फिल्म लगी कार रोकी तो भीतर बैठे व्यक्ति ने पूर्व मंत्री रामअचल राजभर की गाड़ी बताई।
इसी तरह एक अन्य कार के चालक ने कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह का वाहन बताकर पुलिस को दबाव में लेने की कोशिश की। हालांकि, दोनों ही गाड़ियों के शीशों से काली फिल्म हटवा दी गई।
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चेकिंग के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षिका जागृति शुक्ला पुलिसकर्मियों से भिड़ गईं। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ साधारण लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई व चालान कर रही है।
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सीओ ने उन्हें खुद वाहन रोकने और उसके बाद खड़े होकर पुलिस की कार्रवाई देखने को कहा। इसके बाद जागृति ने काफी देर तक पुलिस का सहयोग किया।
उधर, पॉलीटेक्निक चौराहा पर सीओ गाजीपुर विशाल पांडे ने गोंडा में तैनात जल निगम के इंजीनियर की नीली बत्ती लगी कार रोक ली। इंजीनियर ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने बत्ती जब्त कर कार का चालान कर दिया।
अभियान के दौरान सीओ महानगर व सीओ गाजीपुर ने 103 वाहनों से काली फिल्म उतरवाईं जबकि पांच हजार रुपये शमन शुल्क वसूला गया। 118 वाहनों के चालान किए गए।