ये शातिर रेव पार्टी के लिए बेच रहा था नशीली दवाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं के खिलाफ
टीम ने अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट में दवा के थोक कारोबारी सिमरन फार्मा के बलजीत सिंह की दुकान व गोदाम से लाखों की कीमत की प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद कीं। एनसीबी की टीम को यहां से 52 लाख 49 हजार रुपए नकद मिले हैं।
एनसीबी की
टीम ने सोमवार को मेडिसिन मार्केट में छापा मार कर एक हाफ डाला में
प्रतिबंधित दवाइयां पकड़ी थीं। सोमवार को बरामद दवाओं की रात में जांच हुई।
इसके साथ ही हिरासत में लिए गए दुकान व गोदाम के संचालक बलजीत सिंह से
पूछताछ की गई। बलजीत सिंह ने उन लोगों के नाम बताए हैं, जिनसे वह ये दवाएं
खरीद रहा था।
जो दवाएं बरामद हुईं उनमें फेंसिडिल सिरप, स्पासिमो
प्रॉक्सीवान और स्पास्मो सिप कैप्सूल शामिल हैं। एनसीबी ने ये सभी दवाएं
सामान्य तरीके से बिक्री के लिए प्रतिबंधित कर रखी हैं।
ये दवाएं नशे के
लिए इस्तेमाल की जाती हैं। युवाओं की रेव पार्टियों में इनकी खास मांग
होती है। इन दवाओं को विभिन्न तरीकों से नेपाल और बंगलादेश में बेचा जा रहा
था। एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक प्रवीण
कुमार ने बताया कि जो दवाएं बरामद हुई हैं वह बगैर पर्चे के खरीदी गई थीं।
पूछताछ में बलजीत सिंह ने बताया कि वह इन दवाओं को कानपुर के दो थोक दवा
विक्रेताओं ओम फार्मा और एसपी फार्मा और बरेली के एक थोक दुकानदार भारत
मेडिकल्स से खरीदता था। अब एनसीबी इन तीनों थोक दवा दुकानों के संचालकों से
पूछताछ करेगी।
प्रवीण कुमार ने बताया कि
बलजीत ये दवाएं एक दर्जन से अधिक दवा विक्रेताओं को बेचता था जो इन्हें
विदेश भेज देते थे। जिन लोगों को बलजीत सिंह यह दवाएं बेचता था उनके खिलाफ
भी कार्रवाई होनी है।
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि मेडिसिन मार्केट से
नशीली दवाओं का बड़े पैमाने पर कारोबार होने की उन्हें सूचना मिली। सूचना
पुष्ट होने के बाद ही सोमवार को छापेमारी की गई।
बलजीत के पास जो रुपये
बरामद हुए हैं, उनके बारे में जानकारी की जा रही है। एनसीबी अधिकारियों का
मानना है कि यह रकम नशीली दवाओं को बेचकर हासिल की गई है।