डेढ़ मिनट, 9 गोलियां और ‘मौत का लाइव मंजर’
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एक के बाद एक तड़तड़ाती गोलियां, उसके बाद तड़पती तीन जानें, लाखों की लूट और ये सब कुछ देखतीं दर्जनों निगाहें। कोई छत से, कोई दुकान से, कई कार के अंदर से तो कई बाइक पर बैठे-बैठे ही राजधानी की अब तक की सबसे सनसनीखेज वारदात देखता रहा।
महज 100 सेकेंड से भी कम समय के इस ‘मौत के लाइव मंजर’ कुछ ऐसा ही था।सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हसनगंज चरही के पास 12:35 के बाद घटी वारदात के समय घटनास्थल से 100 मीटर दूर डालीगंज की ओर का ट्रैफिक दूसरी गोली चलते ही रुक गया।
वारदात के समय आईटी चौराहे की ओर से आ रहा ट्रैफिक भी एटीएम के सामने इलाहाबाद बैंक के पास थम गया। सब दूर से ही पूरी वारदात को बस एक फिल्मी शूटिंग की तरह देखते रहे।
एटीएम के ठीक बगल की छत पर दोनों हाथ बांधकर मंजर को लगातार देख रही युवती तो हादसे के बाद अपने परिजनों को घटना बताने तक से घबराती रही। हादसे के समय लुटेरों के ठीक सामने अपनी कोल्डड्रिंक की डिलीवरी वैन लेकर आया स्टाफ भी कुछ न कर सका।
हत्यारों की खींची एक्सक्लूसिव तस्वीरें
सामने की एक बहुमंजिला इमारत में रहने वाले युवकों ने हादसे के दौरान भागते हत्यारों की एक्सक्लूसिव तस्वीरें खींचीं और पुलिस को दीं। वे सड़क पर जुटे लोगों को मदद के लिए चिल्लाते रहे, ठोकर मार बदमाशों को गिराने के लिए कहते रहे, लेकिन देखने वाले बस देखते ही रहे। वारदात के बाद कई दुकानदार तो शटर गिराकर भागे तो कुछ ने अपने कारीगरों को भगा कर दुकानें तक बंद कर दीं।
इलाके का सीसीटीवी रूट स्टडी कर आये थे हत्यारे
तीन गार्डों की हत्या कर लाखों रुपये दिनदहाड़े उड़ाने वाले बाइक सवार लुटेरे इलाके का सीसीटीवी रूट स्टडी कर आये थे। उन्हें पता था कि किस प्वांइट पर कितने सीसीटीवी लगे हैं।
हत्यारों को ये भी पता था कि ‘ऑन द स्पाट’ को कौन सा सीसीटीवी कितना कवर रहा है, पूरे रोड पर लगे सीसीटीवी के रूट मैप के चलते ही वे घटना को अंजाम देने के बाद अगले 10-15 सेकेंड में फैजाबाद मेन रोड से भाग निकले।
आईटी चौराहे तक तीन और कैमरे भी रोड फेसिंग
हसनगंज चरही के पास वारदात स्थल से आईटी चौराहे की ओर 4 बड़े प्रतिष्ठानों पर सड़क की ओर मुंह किये चार सीसीटीवी पुलिसिया पड़ताल में सामने आये हैं। घटनास्थल से नजदीकी पुलिस पिकेट चौकी करीब 200 मीटर दूर उमराव धर्मशाला तिराहे के पास है, जबकि घटनास्थल हसनगंज कोतवाली के पुलिस आवास के ठीक पीछे का सबसे व्यस्ततम इलाका है।
वारदात स्थल के ठीक सामने मिठाई की दुकान पर लगा सीसीटीवी भी एटीएम के ठीक पहले का क्षेत्र ही कवर कर रहा था, ये बात हत्यारे जानते थे। फुटेज में भी वारदात के समय ताबड़तोड़ गोलियों से डरकर भागते कर्मचारी की ही तस्वीरें कैद हुई हैं। इसके अलावा वहां पहुंचने के दौरान हेलमेट लगाये लुटेरों की तस्वीर कैद हुई।
घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर एक साड़ी प्रतिष्ठान के एंट्री गेट पर भी सीसीटीवी लगा हुआ है, लेकिन इसका कवरेज एरिया एंट्री करने वालों तक ही सीमित है।
पुलिस अभी खाली हाथ
सूत्रों की मानें तो प्राथमिक पड़ताल में पुलिस के हाथ यहां से भी कुछ नहीं लगा है। इसके बाद आईटी चौराहे की ओर रामाधीन सिंह भवन गेस्ट हाउस के गेट पर भी सीसीटीवी हैं, लेकिन इसका भी कवरेज एरिया रोड की ओर कम ही है।
आईटी चौराहे से ठीक पहले एक शापिंग कांप्लेक्स से पहले एक निजी प्रतिष्ठान में रोड फेसिंग सीसीटीवी लगा हुआ है। माना जा रहा है कि लुटेरों ने इन सबकी स्टडी कर रखी थी, यही कारण रहा कि वारदात अंजाम देने के बाद उस इलाके की ओर (मनकामेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली गली) का रुख किया, जहां सीसीटीवी से पकड़ की गुंजाइश न के बराबर रही।