भाई का जयमाल देखा, फेरों से बस ने कुचल डाला!
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हजरतगंज में राजभवन के पास मंगलवार रात एक बेकाबू रोडवेज बस ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार युवती समेत तीन लोग जख्मी हो गए। ट्रॉमा सेंटर में युवती ने दम तोड़ दिया।
दरअसल, युवती अपने भाई के शादी समारोह में जयमाल के बाद ड्रेस चेंज करने घर गई थी। घर से लौटते समय हादसा हुआ। पुलिस ने बस चालक को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर हजरतगंज के मुताबिक नाका थानाक्षेत्र के मोतीनगर के रहने वाले आनंद स्वरूप भटनागर का बेटा वरुण पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर है। मंगलवार को एमबी क्लब में उसकी शादी थी। जयमाल के बाद वरुण की बहन रुचिका (24) ड्रेस चेंज करने घर गई थी। ड्रेस चेंज करने के बाद वह परिवार के ही दो सदस्यों समयक और मयंक संग कार से एमबी क्लब लौट रही थी।
राजभवन के पास आर्यन रेस्टोरेंट के सामने कानपुर के विकासनगर डिपो की बस ने कार में टक्कर मार दी। रुचिका, समयक, मयंक गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, बस सवार 35 सवारियों को भी मामूली चोटें आईं।
एक पल में छीन गई चेहरों की मुस्कान
पुलिस ने घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। रुचिका को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। रोडवेज बस के चालक कानपुर के पुरवा मीर निवासी राम शंकर को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
एमबी क्लब में वरुण के वैवाहिक समारोह में आनंद स्वरूप भटनागर का पूरा परिवार खुशी से झूम रहा था। परिवार के सभी लोग हर पल को यादगार बनाना चाहते थे।
रुचिका ने भी जयमाल और फेरों के समय के लिए अलग-अलग ड्रेस बनवाई थी। वह ड्रेस चेंज करने घर गई तो लौटी ही नहीं। बाद में परिवार के सदस्यों को दुघर्टना की सूचना मिली। इस पर सभी के चेहरों की मुस्कान छिन गई।
हर दिल अजीज थी रुचिका
स्कूटर इंडिया में डिप्टी मैनेजर आनंद स्वरूप भटनागर की बेटी रुचिका पढ़ाई में होशियार होने के साथ ही हर दिल अजीज भी थी। बुआ संतोष ने बताया कि रुचिका ने एमिटी यूनीवर्सिटी से मास कॉम करने के बाद मुंबई की एक एडवरटाइजिंग कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव के पद पर ज्वॉइन किया था।
परिवार वाले उसकी शादी की तैयारियां भी कर रहे थे। हालांकि, रुचिका ही इसे टाल रही थी। वह कॅरिअर बनाने के बाद शादी करना चाहती थी।
बस चालक की लापरवाही से हादसा
बस चालक राम शंकर ने बताया कि बस बलरामपुर से कानपुर जा रही थी। इसमें लखनऊ और कानपुर की 35 सवारियां बैठी थीं। उसे रास्तों का ठीक से अंदाजा नहीं था। वह संविदा पर है।
30 वर्ष से बस चला रहा है। हालांकि, वह कानपुर-इलाहाबाद रूट पर गाड़ी चलाता रहा है। लखनऊ के रास्तों का अंदाजा न होने की वजह से वह भटक गया। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से दुर्घटना हुई है।