दो मासूमों को फांसी लगा खुद भी सूली चढ़ गई महिला
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आशियाना के मदारी खेड़ा में एक महिला ने सोमवार दोपहर अपने दो मासूम बच्चों को सूली पर लटकाया। इसके बाद खुद भी फांसी लगा ली। महीना भर पहले राजगीर पति व दो बच्चों के साथ हमीरपुर से आई महिला अपने जेठ के साथ रहने से खफा थी और कैंसर पीड़ित ननद को फोन करने को लेकर पति से सुबह तीखी झड़प हुई थी।
मजदूरी करके शाम को घर लौटे पति ने तीनों को फंदे पर लटका देख पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और पुलिस को सूचना दी। पति व जेठ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एएसपी सिटी पूर्वी रोहित मिश्रा ने बताया कि मदारी खेड़ा में रामप्यारी के मकान में 19 जून से किराए पर रह रहे राजगीर मनमोहन की पत्नी रामबाई (25) का सोमवार सुबह पति से झगड़ा हुआ था।
काफी देर झगड़ने के बाद मनमोहन अपने बड़े भाई प्रेमनारायण के साथ काम पर चला गया। रामबाई अपनी बेटी अनन्या (3) व डेढ़ साल के बेटे अनीस के साथ घर पर थी। कुछ समय बाद उसने कमरे का दरवाजा भीतर से बंद किया। खिड़की से नायलॉन की रस्सी का फंदा कसकर अनीस को सूली पर लटकाया। इसके बाद पंखे के कुंडे पर रस्सी बांधी। एक फंदे पर मासूम अनन्या को लटकाया और दूसरे फंदे पर खुद लटक गई।
मनमोहन शाम 5:30 बजे मजदूरी करके लौटा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। आहट न मिलने पर रोशनदान से झांका। पंखे के कड़े से कसे दो फंदों पर रामबाई व अन्नया के शव लटके देख उसने शोर मचाया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। कमरे के भीतर का नजारा देख गश खाकर गिर गया।
ये थी कलह की वजह
दो बच्चों की हत्या करके महिला के फांसी लगाने की खबर फैलते ही घर के बाहर भीड़ लगने लगी। मनमोहन ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। एसओ आशियाना संतोष तिवारी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। सीओ कैंट हरेंद्र कुमार भी आ गए। कमरे के दरवाजे की भीतर की कुंडी टूटी थी। तीनों शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ पुलिस ने कमरे पर ताला लगाया और मनमोहन व उसके भाई प्रेमनारायण को हिरासत में ले लिया।
एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि मनमोहन का एक अन्य भाई हमीरपुर में किसी युवती के अपहरण के आरोप में जेल में है। उसके साथ प्रेमनारायण की पत्नी भी गिरफ्तार की गई थी। इसके चलते रामबाई ने अपने पति मनमोहन पर ससुराल से दूर रहने का दबाव बनाया। मनमोहन उसे व दोनों बच्चों को लेकर महीना भर पहले लखनऊ आया।
रामप्यारी के मकान में एक कमरा किराए लेकर 19 जून से पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगा। इस बीच बड़े भाई प्रेमनारायण से फोन पर संपर्क बनाए रहा और बृहस्पतिवार को प्रेमनारायण भी हमीरपुर से आ गया। मनमोहन के साथ रहते हुए शनिवार से उसने भी मजदूरी पर जाना शुरू किया। प्रेमनारायण के साथ रहने को लेकर शनिवार देरशाम पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था। मनमोहन ने जल्दी ही प्रेमनारायण को अलग करने का आश्वासन दिया।
झमेले में फंसने की आशंका के चलते पति पर ससुराल वालों से कोई संपर्क न रखने का दबाव बना रही रामबाई ने सोमवार सुबह मनमोहन को अपनी बहन से मोबाइल पर बात करते देखा। मनमोहन ने कैंसर पीड़ित बहन से संबंध न तोड़ने की बात कही तो दोनों में जमकर झगड़ा हुआ। जैसे तैसे नाश्ता करके मनमोहन व प्रेमनारायण काम पर निकल गया।
जुनून में कर डाला मासूमों का कत्ल
मौका मुआयना के साथ मनमोहन, प्रेमनारायण व आसपास के लोगों से तहकीकात के बाद एएसपी रोहित मिश्रा व सीओ हरेंद्र कुमार ने माना कि तंगहाली से जूझ रही रामबाई अपने देवर व जेठानी के जेल जाने से बेहद परेशान थी।
उसे डर था कि पति किसी झमेले में न फंस जाए, जबकि मनमोहन अपने परिवारीजनों से संबंध नहीं तोड़ पा रहा था। पति से झगड़े के बाद रामबाई ने खुदकुशी का इरादा बनाया। उसे दोनों बच्चों के भविष्य की चिंता थी। मौत को गले लगाने का इरादा बना चुकी रामबाई ने जुनून में दोनों बच्चों को सूली पर लटकाया और फांसी लगा ली।
पहले भी कर चुकी थी खुदकुशी का प्रयास
पत्नी व दोनों मासूम बच्चों के शव के पास आंसू बहा रहे मनमोहन ने पुलिस को बताया कि रामबाई को मामूली बात पर भी काफी गुस्सा आता था। दो साल पहले उसने हमीरपुर में आत्महत्या का प्रयास किया था लेकिन परिवारीजनों ने बचा लिया।
खुद को कोसते आंसू बहा रहा मनमोहन
पत्नी व दो मासूम बच्चों की मौत पर आंसू बहाने के साथ राजगीर मनमोहन खुद को कोसता रहा। बोला कि मुसीबत में फंसे परिवारीजनों से नाता तोड़ नहीं पा रहा था और रामबाई उसके परिवार से बेहद नाराज थी। परिवार के मोह में पत्नी की बात न मानने की कीमत तीन जानों से चुकानी पड़ी है।