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पुष्पक एक्सप्रेस में फिर सेंध, चार करोड़ का माल चोरी

Wed, 26 Aug 2015 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Aug 2015 10:37 PM IST
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4 crore theft in Pushpak Express.

मुंबई से लखनऊ के लिए रवाना हुई पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में एक बार फिर बदमाशों ने पार्सल बोगी की चादर को काटकर तकरीबन चार करोड़ रुपये का सामान पार कर दिया। तीन दिन में हुई इस दूसरी वारदात ने ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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इस बार भी लुटेरों ने पुष्पक एक्सप्रेस को ही निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने का तरीका भी बिल्कुल पहले जैसा ही रखा। बुधवार सुबह ट्रेन जब चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो इसकी जानकारी हुई। इसके बाद चारबाग रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया।
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तीन दिन के भीतर लगातार दूसरी बड़ी चोरी से क्षुब्ध पार्सल मालिकों ने जमकर हंगामा किया। वहीं जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करते रहे।
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लाटूश रोड पर पुराना आरटीओ के पास शिव कार्गो सर्विसेज के मालिक प्रदीप सिंह ने बताया कि नाका के दर्जनों व्यापारियों ने मुंबई से कीमती साड़ियां, दवाइयां, मोबाइल के चार्जर व केस समेत करोड़ों रुपये काकीमती सामान मंगाया था।

मुंबई से मोनोपोली एक्सपोर्ट कंपनी की तरफ से पुष्पक एक्सप्रेस के पार्सल वैन में यह सामान लोड कराया गया, जिसे चारबाग स्टेशन पर उतरना था।

बोगी से लगभग 80 गत्ते गायब

4 crore theft in Pushpak Express.

बुधवार सुबह तय समय पर ट्रेन चारबाग छोटी लाइन पर पहुंची तो पता चला कि बोगी में बाथरूम के पास दो फिट लंबा और चौड़ा सुराग बना हुआ है। लोहे की मोटी चादर काटकर चोर बोगी में दाखिल हुए और अंदर रखे सभी पैकेटों को खोल-खोलकर देखा।

कीमती सामान बटोरने के बाद बदमाश निकल गए। इस बोगी में लाटूश रोड के ही फास्ट कार्गो सर्विसेज समेत 20 से 25 कूरियर कंपनी का सामान था। उन्होंने बताया कि बोगी से लगभग 80 गत्ते गायब हैं। इनमें लाखों रुपये का माल होने का अनुमान है।

सामान मंगाने वाले व्यापारियों से संपर्ककरचोरी गये माल की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद ही नुकसान का वास्तविक अनुमान किया जा सकेगा।

आरपीएफ व जीआरपी पर मिलीभगत का आरोप
शिव कार्गो, फास्ट कार्गो व अन्य व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ और जीआरपी की मिलीभगत से ही चोर लगातार वारदात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरपीएफ का एस्कॉट ट्रेन में यात्रियों और लगेज वैन के साथ चलता है। ऐसा कैसे संभव है कि चोर रात भर सेंध लगाते रहे और पुलिस कर्मियोें को भनक तक नहीं लगी।

इलेक्ट्रिक आरी से काटी लोहे की चादर

4 crore theft in Pushpak Express.

शुरुआती जांच में बदमाशों के बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक आरी का इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। बाथरूम के रास्ते उन्होंने ट्रेन में सेंध काटी। अनुमान है कि इलेक्ट्रिक आरी से भी ट्रेन की चादर काटने में उन्हें कई घंटे का समय लगा होगा। इस दौरान आरपीएफ दस्ते को इसकी भनक नहीं लगी।

खुद पीड़ितों को बताया संदिग्ध

आरपीएफ के इंस्पेक्टर रंजन कुमार का कहना है कि कूरियर वालों को खुद अपने सामान की सुरक्षा करनी चाहिये थी। तीन दिन पहले जब चोरी हुई थी तो उनसे कहा गया था कि वह अपना एक प्रतिनिधि सामान के साथ ट्रेन में भेजें।

दूसरी बार चोरी की वारदात में भी उसी कूरियर कंपनी का माल गया, जिसका सामान पहले भी चोरी हुआ था। वे लोग खुद ही रिपोर्ट दर्ज कराना नहीं चाहते हैं।

कह रहे थे कि क्या फायदा रिपोर्ट दर्ज कराने का। इससे वे लोग भी संदेह के घेरे में हैं। मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में मैने भोपाल, झांसी के जीआरपी इंस्पेक्टरों से भी बात की है।

फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व फॉरेंसिक टीम जुटी

4 crore theft in Pushpak Express.

जीआरपी व आरपीएफ केअधिकारी फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और फोरेंसिक टीम की मदद से जांच में जुटे हैं। बोगी से टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही जा रही है।

ट्रेन में सेंधमारी और चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों के बारे में पता लगाया जा रहा है। पूर्व में जो गैंग प्रकाश में आये हैं, उनको भी पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

ग्रे-मार्केट का माल चोरी-छिपे होता है सप्लाई

पुष्पक में पार्सलों के जरिये मुंबई से ग्रे-मार्केट का माल सप्लाई होता है। इसमें मोबाइल केस, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, एलईडी टॉर्च और कपड़े मुंबई से लखनऊ भेजा जाता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सामान नाका, अमीनाबाद और चौक की ग्रे मार्केट में चोरी-छिपे सप्लाई होता है। इसके मास्टरमाइंड मुंबई में बैठे हैं।

यहां पर उनके एजेंट हैं। इस सामान का बिल तक उनके पास नहीं होता। इसी वजह से वे लोग रिपोर्ट दर्ज कराने में कतरा रहे हैं।

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