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अस्पताल स्टाफ की हर 15 दिन में होगी कोविड जांच
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सीएमओ को उपलब्ध करानी होगी रिपोर्ट
कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिए सभी अस्पतालों के मेडिकल, नॉन मेडिकल संग सुरक्षा से जुड़े स्टाफ की हर 15 दिन में कोविड जांच करानी होगी। इसकी पूरी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। यह जानकारी डीएम अभिषेक प्रकाश ने दी।
इसके साथ ही कोरोना मरीजों को घर जाकर दवाएं देने, उनके ऑक्सीजन स्तर की जांच करने, आवश्यक सलाह देने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (आरआरटी) सक्रिय भूमिका निभाएंगी। डीएम ने निर्देश दिया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के दौरान सबसे पहले संक्रमित मरीज के घर के आसपास रहने वालों की जांच हो, जो मरीज के संपर्क में आए हैं। इसके साथ ही संपर्क में आने वाले लोगों की सही पहचान की जाए और उनका सही रिकॉर्ड रखा जाए।
वहीं सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को शिकायत रहती है कि लोग जांच कराने से कतराते हैं तथा कई तो विरोध भी करते हैं। ऐसे मामलों में उन्होंने आरआरटी टीमों को पुलिस से सहयोग लेने के लिए कहा है। साथ ही फर्जी रिपोर्टिंग पर पूरी टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।
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कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिए सभी अस्पतालों के मेडिकल, नॉन मेडिकल संग सुरक्षा से जुड़े स्टाफ की हर 15 दिन में कोविड जांच करानी होगी। इसकी पूरी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। यह जानकारी डीएम अभिषेक प्रकाश ने दी।
इसके साथ ही कोरोना मरीजों को घर जाकर दवाएं देने, उनके ऑक्सीजन स्तर की जांच करने, आवश्यक सलाह देने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (आरआरटी) सक्रिय भूमिका निभाएंगी। डीएम ने निर्देश दिया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के दौरान सबसे पहले संक्रमित मरीज के घर के आसपास रहने वालों की जांच हो, जो मरीज के संपर्क में आए हैं। इसके साथ ही संपर्क में आने वाले लोगों की सही पहचान की जाए और उनका सही रिकॉर्ड रखा जाए।
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वहीं सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को शिकायत रहती है कि लोग जांच कराने से कतराते हैं तथा कई तो विरोध भी करते हैं। ऐसे मामलों में उन्होंने आरआरटी टीमों को पुलिस से सहयोग लेने के लिए कहा है। साथ ही फर्जी रिपोर्टिंग पर पूरी टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।
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