फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Covid patient admitt in to non covid hospital

लखनऊ में कोरोना की मार, गंभीर मरीजों को नहीं मिल रहा लेवल-3 में इलाज

Tue, 06 Apr 2021 02:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 02:04 AM IST
विज्ञापन
Covid patient admitt in to non covid hospital
कोरोना के गंभीर मरीजों को लेवल-3 में इलाज नहीं मिल रहा है। - फोटो : ??? ?????
हिमांशु अवस्थी
विज्ञापन

आलमबाग निवासी जय शंकर मिश्रा (60) करीब तीन दिन पहले पॉजिटिव हुए। उनकी हालत बेहद गंभीर थी। मरीज को लेवल-3 ग्रेड के अस्पताल में शिफ्ट कराया जाना था।
वहां बेड खाली न होने से मरीज को लेवल-2 ग्रेड में भर्ती कराया गया। पर मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और मुकम्मल इलाज न मिलने से रविवार देर रात मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन मरीज को लेवल-3 ग्रेड में लेनेे के लिए सीएमओ से लगातार बात कर रहा था, पर बेड न होने से मरीज को शिफ्ट नहीं कराया जा सका।
उन्नाव के रामकुमार (62) 29 मार्च को नॉन कोविड अस्पताल में भर्ती हुए। मरीज का पहले कोरोना टेस्ट कराया गया और हफ्तेभर पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।
अस्पताल ने मरीज को लेवल-3 में भर्ती कराने के लिए सीएमओ व कोविड कमांड सेंटर पर सूचना भिजवाई। इसके बावजूद अभी तक मरीज को कोविड अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका है। मरीज अभी भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। नॉन कोविड अस्पताल में भर्ती होने से उसका इलाज भी बंद है।
विज्ञापन

लोकबंधु अस्पताल लेवल-2 ग्रेड में अभी भी चार मरीज ऐसे भर्ती हैं, जिन्हें लेवल-3 ग्रेड में शिफ्ट कराया जाना है। इसमें एक मरीज शिवकुमार सोनी की डायलिसिस होनी है। अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा न होने से मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल प्रशासन ने कोविड कमांड सेंटर संग संबंधित लेवल-3 ग्रेड के अस्पताल में भर्ती कराए जाने के लिए कई दफा अनुरोध किया, पर मामला सिफर है। डॉक्टरों का कहना है कि सटीक इलाज न मिलने से अति गंभीर मरीजों की जान खतरे में है।
राजधानी में स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की लापरवाही से कहीं मरीज की जान जा रही है तो कहीं जान आफत में बनी हुई है।
सरकारी संस्थानों में लेवल 2 व 3 ग्रेड मिलाकर बेड क्षमता 780 की जानी है। पर केजीएमयू, लोहिया, पीजीआई ने बेड क्षमता नहीं बढ़ाई है। ऐसे में लेवल-2 ग्रेड के मरीजों को लेवल-3 ग्रेड में भर्ती नहीं कराया जा पा रहा है।
आरोप है कि कई बडे़ संस्थान मनमानी पर उतारू हैं और बेड खाली होने के बावजूद अधिक लोड झेलने को तैयार नहीं है।
ऐसे में वक्त पर इलाज न मिलने से अति गंभीर मरीजों की सांसें उखड़ रही हैं और अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। मार्च के आखिरी दिन व अप्रैल की शुरूआत से लगातार मरीजों की मौत का ग्राफ बढ़ा हुआ है।
बलरामपुर अस्पताल में चार मरीज भर्ती
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में एक लेवल-3 ग्रेड का मरीज सप्ताहभर से भर्ती है जबकि तीन नए मरीज चार दिन से इमरजेंसी में पडे़ हैं। उनके संग तीमारदार भी हैं जो लगातार दूसरे मरीज व तीमारदारों के संपर्क में आ रहे हैं। मरीजों की हालत बिगड़ रही है, पर उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका है।
लोहिया संस्थान में 110 बेड पर हो रही भर्ती
लोहिया अस्पताल में लेवल 2 व 3 मिलाकर करीब 110 बेड पर मरीजों की भर्ती की जा रही है। संस्थान में बेड बढ़ाए जाने के लिए शासन से निर्देश दिए गए थे। करीब सप्ताहभर बाद भी यहां बेड क्षमता को नहीं बढ़ाया गया। संस्थान प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश ने बताया कि बेड व वेंटिलेटर बढ़ाए जाने की तैयारी कर ली गई है। एक-दो दिन में पूरी क्षमता संग मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
केजीएमयू : 180 बेड पर भर्ती
केजीएमयू में बेड व वेंटिलेटर की क्षमता बढ़ाकर 380 की जानी थी, पर अभी तक यहां पर 180 बेड पर मरीजों की भर्ती हो पा रही है। संस्थान प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, लेवल-3 ग्रेड के बेड बढ़ाए जा रहे हैं।

पीजीआई : 250 की जानी है बेड क्षमता
पीजीआई में 130 बेड पर मरीज अभी भर्ती हो रहे है। संस्थान में करीब ढाई सौ बेड की क्षमता किया जाना है। कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. आरके सिंह के मुताबिक, लेवल-3 ग्रेड में बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed