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धोखाधड़ी कर लोन की रकम हड़पने में बैंक मैंनेजर समेत नौ कोर्ट में तलब
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लखनऊ। कम पढ़े लिखे व्यक्ति का खाता खोलने के नाम पर धोखाधड़ी और खाते पर लाखों रुपये का लोन लेकर हड़पने के आरोपों को लेकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आशियाना शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अभय कुमार, लोन मैनेजर आयुषी, उप शाखा प्रबंधक राजेश कुमार, हेड कैशियर पुत्तीलाल वर्मा, चपरासी बृजेश कुमार, रईस अहमद, अजित यादव, संतोष गुप्ता और ऋषभ गुप्ता को बतौर आरोपी कोर्ट ने तलब किया है। एसीजेएम शान्तनु त्यागी ने आरोपियो को कोर्ट में हाजिर होने के लिए 10 नवम्बर की तारीख तय की है ।
पत्रावली के अनुसार, वादी संदीप कुमार ने 12 सितम्बर 2019 को आशियाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति है जिसके परिचित अभय कुमार जो कि आशियाना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक थे, ने वादी से खाता खोलने के लिए उसके पहचान पत्र, मकान की रजिस्ट्री, बिजली का बिल मांगा। कहा गया कि वादी जब बैंक गया तो आरोपी प्रबंधक ने वादी को अपने केबिन में बुलाया और अन्य आरोपियों के सहयोग से सादे कागज व चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद वादी का खाता खुल गया जिससे वह लेनदेन करने लगा। इसी बीच 27 मार्च 2017 को वादी को पता चला कि उसका खाता एनपीए हो गया है।
जानकारी पर पता चला कि उसके नाम पर 8 लाख का लोन लिया गया है और पैसा निकाल लिया गया है। किश्ते न जमा होने के चलते खाता एनपीए हो गया है। इस पर वादी ने जब अभय कुमार से बात की तो उसने अभद्रता की। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दिया जहां वादी ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को चुनौती दी। कोर्ट ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज किया और वादी समेत अन्य गवाहों की गवाही दर्ज करके पाया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करके वादी के नाम पर आठ लाख का लोन लिया और पैसा हड़प लिया है। इस पर कोर्ट ने आरोपियों को तलब करने का आदेश दिया है।
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पत्रावली के अनुसार, वादी संदीप कुमार ने 12 सितम्बर 2019 को आशियाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति है जिसके परिचित अभय कुमार जो कि आशियाना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक थे, ने वादी से खाता खोलने के लिए उसके पहचान पत्र, मकान की रजिस्ट्री, बिजली का बिल मांगा। कहा गया कि वादी जब बैंक गया तो आरोपी प्रबंधक ने वादी को अपने केबिन में बुलाया और अन्य आरोपियों के सहयोग से सादे कागज व चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद वादी का खाता खुल गया जिससे वह लेनदेन करने लगा। इसी बीच 27 मार्च 2017 को वादी को पता चला कि उसका खाता एनपीए हो गया है।
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जानकारी पर पता चला कि उसके नाम पर 8 लाख का लोन लिया गया है और पैसा निकाल लिया गया है। किश्ते न जमा होने के चलते खाता एनपीए हो गया है। इस पर वादी ने जब अभय कुमार से बात की तो उसने अभद्रता की। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दिया जहां वादी ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को चुनौती दी। कोर्ट ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज किया और वादी समेत अन्य गवाहों की गवाही दर्ज करके पाया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करके वादी के नाम पर आठ लाख का लोन लिया और पैसा हड़प लिया है। इस पर कोर्ट ने आरोपियों को तलब करने का आदेश दिया है।
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