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Lucknow News : कोर्ट ने महिला डॉक्टर को माना कार्यमुक्त, इस्तीफा अस्वीकार कर शुरू करा दी विभागीय जांच
Sat, 28 Jan 2023 10:46 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Jan 2023 10:46 AM IST
सार
डॉ. प्रियंका गर्ग की याचिका पर लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को लताड़ लगाते हुए महिला डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि इस्तीफा देने की तिथि से याची को कार्यमुक्त मानते हुए सेवा संबंधित सभी लाभ दो माह में दिए जाए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ
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विस्तार
बीमार बेटी की देखभाल के लिए पहले तो राजकीय सेवा में कार्यरत महिला डॉक्टर को छुट्टी नहीं दी गई। इससे परेशान हो कर जब उसने नौकरी से इस्तीफा दिया तो उसे भी अस्वीकार कर विभागीय जांच शुरू करा दी गयी। डॉ. प्रियंका गर्ग की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को लताड़ लगाते हुए महिला डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि इस्तीफा देने की तिथि से याची को कार्यमुक्त मानते हुए सेवा संबंधित सभी लाभ दो माह में दिए जाए।
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न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल पीठ ने यह भी कहा कि रोकथाम की तमाम कोशिशों के बावजूद भी एक कामकाजी महिला को कैसे परेशान किया जा सकता है, यह इस मामले से साफ होता है। याची की ओर से अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने कोर्ट को बताया कि याची की बेटी अस्थमा रोग से पीड़ित है। ऐसे में सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में तैनाती के दौरान उसने अपनी बेटी की देखभाल के लिए अवकाश संबंधी प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन, विभागीय स्तर पर न तो उसका अवकाश स्वीकृत किया गया और न ही उसे जुलाई से सितंबर 2019 व जनवरी से फरवरी 2020 का वेतन ही मिला।
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इससे परेशान होकर याची ने 24 फरवरी 2020 को त्याग पत्र दे दिया। विभागीय स्तर पर त्यागपत्र को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। उल्टा 25 सितंबर 2020 को उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराने का आदेश जारी कर दिया गया और अगले दिन इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया।
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