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पुलिसकर्मियों को तनाव से निजात दिलाने के लिए की जा रही काउंसलिंग, बता रहे ‘कूल-कूल’ रहने के टिप्स

Wed, 11 Dec 2019 12:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 11 Dec 2019 12:03 PM IST
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counseling of policemen of mahanagar and ghazipur thana for relieve stress in lucknow
पुलिसकर्मी से बात करते डॉ केएन सिंह - फोटो : अमर उजाला

पुलिसकर्मियों को तनाव से निजात दिलाने के लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इसकी शुरुआत लखनऊ में गाजीपुर और महानगर थाने से की गई है। मनोचिकित्सकों की टीम काउंसलिंग के साथ ही पुलिसकर्मियों को कूल-कूल रहने के टिप्स भी दे रही है।

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लगातार ड्यूटी, छुट्टियां नहीं मिलने से पुलिसकर्मियों में तनाव बढ़ रहा है। तनाव की वजह से पुलिसकर्मियों की खुदकुशी के मामले भी सामने आए। इसको देखते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने एक साल पहले आदेश जारी किया था कि थाना स्तर से लेकर पुलिस लाइन व पुलिस कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिकों की सलाह दिलाई जाए। ताकि वह तनाव मुक्त रहें।
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जिससे वे अपनी ड्यूटी और परिवार के साथ आराम से सामंजस्य स्थापित कर सकें। थाने का माहौल खुशनुमा बनाने के लिए वहां पौधरोपण करने के भी निर्देश दिए गए थे।मंगलवार को निदेशक पर्यावरण व मनोचिकित्सक योजना उत्तर प्रदेश डॉ. केएन सिंह ने दो थानों का दौरा किया।
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मंगलवार को वह गाजीपुर और महानगर थाने में तैनात होमगार्ड, आरक्षी, मुख्य आरक्षी और दरोगा से काफी देर तक बातचीत की। इस दौरान कुछ से ग्रुप में तो कुछ पुलिसकर्मियों से अलग-अलग बातचीत कर उनके तनाव के कारणों के बारे में जानकारी हासिल की।

पुलिसकर्मियों की मनोदशा का होगा आकलन

counseling of policemen of mahanagar and ghazipur thana for relieve stress in lucknow
पुलिसकर्मी और डॉ केएन सिंह - फोटो : अमर उजाला

कई रोगों का कारण है तनाव
डॉ. केएन सिंह ने पुलिसकर्मियों को बताया कि ज्यादा तनाव बड़ी बीमारी की वजह बनता है। तनाव से मानसिक रोग, मधुमेह, याददाश्त क्षमता में गिरावट, रक्तचाप, हृदयरोग, भूख न लगने, एसिडिटी व लकवा जैसी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

पुलिसकर्मियों को तनाव व उससे होने वाली बीमारियों से दूर रखने के लिए सभी कार्यालय में चिकित्सा कर्मचारी, मनोचिकित्सक पुलिसकर्मियों की मनोदशा का एक महीने तक आकलन करेंगे। प्रतिदिन इसका डाटा दर्ज किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। संबंधित कार्यालय के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। ताकि पुलिसकर्मियों को तनाव से मुक्त रखा जाए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिलेगा विशेष बजट
डॉ. केएन सिंह के मुताबिक इस योजना को सफल बनाने और पुलिसकर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से विशेष बजट का आवंटन किया जाएगा। इसका लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। इस योजना के तहत पुलिसकर्मियों और उनके परिवारीजनों को सेवाएं दी जाएंगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से तनावमुक्त रहने के लिए योग करने की सलाह दी।

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