फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Councillor quota works will not be approved after 31st

Lucknow News: पार्षद कोटा के कार्यों के लिए 31 के बाद नहीं मिलेगी मंजूरी

Tue, 20 Jan 2026 02:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 02:45 AM IST
विज्ञापन
Councillor quota works will not be approved after 31st
लखनऊ। नगर निगम में पार्षद कोटे से विकास कार्य के प्रस्ताव इस बार 31 जनवरी तक ही मंजूर किए जाएंगे। इसके बाद किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी जाएगी। 31 जनवरी तक स्वीकृत कार्यों को 31 मार्च तक पूरा भी कराया जाएगा। अभी नगर निगम के वार्ड विकास निधि में करीब 75 प्रतिशत बजट बचा है जो उपयोग न होने की दशा में 31 मार्च को लैप्स हो जाएगा।
विज्ञापन



नगर निगम ने यह सख्ती अमर उजाला में सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित खबर 10 माह में पार्षद कोटे का 25 प्रतिशत ही खर्च कर सके खबर का संज्ञान लेते हुए की है। चालू वित्तीय वर्ष के करीब 10 महीने में पार्षदों ने अपने वार्डों में कितना पैसा विकास कार्य पर खर्च किया, अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए। पता चला कि जो पार्षद सदन में पांच करोड़ रुपये सालाना कोटा की मांग कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर 10 माह बीतने के बाद भी 2.10 करोड़ रुपये का वर्तमान कोटा भी पूरी तरह खर्च नहीं कर पाए हैं। दूसरी ओर लगभग सभी वार्ड में बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं, जिनका निदान पार्षद कोटा से कराया जा सकता है।
विज्ञापन




नगर निगम सदन की बैठकों में पार्षद अक्सर इस बात पर शोर शराबा करते हैं कि उनके वार्ड में सड़क, जल निकासी, सीवर और मार्ग प्रकाश की तमाम समस्याएं हैं। हालांकि, उन्होंने इन समस्याओं के लिए अपने पार्षद कोटा का इस्तेमाल क्यों नहीं किया, इस पर कोई चर्चा नहीं होती। यही वजह है कि चालू वित्तीय वर्ष के करीब 10 माह बीतने के बाद भी वार्ड विकास निधि के 210 करोड़ के बजट में अब तक महज 25 प्रतिशत धनराशि ही खर्च हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



दिसंबर में नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने सभी जोनल अभियंताओं को यह आदेश भी दिए थे कि पांच जनवरी तक पार्षद कोटे से कराए जाने वाले कार्यों की मंजूरी ले ली जाए। इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। इस आदेश के बाद भी पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए तेजी नहीं दिखाई।



हर वार्ड के लिए 2.10 करोड़ रुपये का कोटा

नगर निगम में 110 वार्ड हैं। चालू वित्तीय वर्ष में प्रति वार्ड 2.10 करोड़ रुपये का कोटा वार्ड विकास निधि से स्वीकृत किया गया। इस 2.10 करोड़ की धनराशि से पार्षद अपने वार्ड में जनसस्याओं में कार्य करा सकते हैं। पार्षदों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह खुद तय कर सकते हैं कि उन्हें कौन-कौन से कार्य कराने हैं। यह कोटा पार्षदों को 31 मार्च तक खर्च करना है। किसी भी काम की मंजूरी, टेंडरिंग, कार्य पूरा होने के बाद संबंधित कार्यदायी संस्थान को भुगतान होने पर ही धनराशि खर्च मानी जाएगी।



आसान नहीं है बचा हुआ बजट खर्च कर पाना

-- जनवरी में अब 11 दिन बचे हैं। फरवरी और मार्च को मिलाकर वित्तीय वर्ष समाप्त होने में करीब 70 दिन ही बचे हैं। मात्र 70 दिन में वार्ड विकास निधि में बचे 170 करोड़ खर्च कर पाना आसान नहीं है, क्योंकि कार्य का प्रस्ताव तैयार करने से लेकर कार्य पूरा होने तक पूरी प्रक्रिया में न्यूनतम 90 से 120 दिन चाहिए होते हैं।

-- जानकारों ने बताया कि एक काम के प्रस्ताव के लिए अलग-अलग स्तर पर मंजूरी में ही 15 से 20 दिन, कभी-कभी महीना भर लग जाता है। ऐसा तभी संभव है जब प्रस्ताव की फाइल राकेट की रफ्तार से आगे बढ़ती रहे।
-- प्रस्ताव पर मंजूरी के बाद न्यूनतम 15 दिन का समय टेंडर प्रक्रिया में लगता है। टेंडर के जरिये कार्यदायी संस्था का चयन होने के बाद ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए दो से तीन महीने का समय दिया जाता है। कार्य पूरा होने पर ही पूरा भुगतान होता है और बजट का उपभोग माना जाता है।




------

सभी जोनल अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह पार्षदों से संपर्क कर जो भी विकास कार्य होने हैं, उनकी फाइल बनाकर 31 जनवरी तक पास करा लें। 31 के बाद कोई फाइल पास नहीं की जाएगी, क्योंकि 31 मार्च तक काम भी पूरा करना होगा। जो बजट बचेगा वह लैप्स हो जाएगा।

-महेश वर्मा,
मुख्य अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed