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यूपी: नगर निकायों में बंद होगा विज्ञापन में फर्जीवाड़ा, ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
Tue, 10 Nov 2020 01:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 10 Nov 2020 01:32 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
नगर निकायों में विज्ञापन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विज्ञापन मॉड्यूल में बदलाव किया गया जा रहा है। इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जोड़कर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी।
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पुरानी प्रक्रिया में विज्ञापन मद में मिलने वाले राजस्व का कोई ऑनलाइन लेखाजोखा रखने की व्यवस्था नहीं है। इससे विज्ञापन मद में खूब फर्जीवाड़ा होता है। नई व्यवस्था में नगर निकायों के स्तर से विज्ञापन को अनुमति देने संबंधी पूरी जानकारी ई-नगर सेवा पोर्टल पर मुहैया कराना अनिवार्य होगा।
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गौरतलब है कि नगर निकायों की सीमा में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग, कियास्क, यूनिपोल और प्राइवेट साइटों पर विज्ञापन लगाने के लिए टेंडर होता है। इससे निकायों को काफी टैक्स मिलता है। मगर, यह व्यवस्था ऑनलाइन न होने से इसमें जमकर फर्जीवाड़ा होता है। इसलिए नगर निकायों में विज्ञापन विभाग को भ्रष्टाचार का बड़ा अड्डा माना जाता है।
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कर्मचारियों में भी इस विभाग में तैनाती के लिए होड़ मची रहती है जबकि कर्मचारियों और ठेकेदार की मिलीभागत से निकायों को हर साल करोड़ों के राजस्व का नुकसान होता है। इसके मद्देनजर सरकार ने विज्ञापन की व्यवस्था को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। निदेशक स्थानीय निकाय डॉ. काजल ने सभी नगर निकायों को विज्ञापन की साइटों से मिलने वाले टैक्स का पूरा मॉड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया है।
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अवैध होर्डिंग का पता लगाना होगा आसान
नगर निकायों की सीमा विज्ञापन लगाने व उससे मिलने वाले टैक्स की प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने से विभाग के क्रियाकलापों में पारदर्शिता आएगी। होर्डिंग, कियास्क, यूनिपोल व प्राइवेट साइट आवंटन व दर और प्राप्त होने वाले राजस्व की जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि शहर में कितनी होर्डिंग अवैध है।