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बिजली दरें न बढ़ाने के फैसले के खिलाफ कॉरपोरेशन जाएगा ट्रिब्युनल
Mon, 28 Dec 2020 10:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 28 Dec 2020 10:04 PM IST
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Electricity, Bulb
- फोटो : पिक्साबे
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उप्र विद्युत नियामक आयोग की ओर से बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करने के आदेश के खिलाफ पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन गुपचुप तरीके से अपीलेट ट्रिब्युनल नई दिल्ली में मुकदमा करने की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सोमवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को दिए ज्ञापन में दी है। इस पर मंत्री ने उपभोक्ताओं पर किसी तरह से भार नहीं पड़ने देने का आश्वासन दिया है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नियामक आयोग ने 11 नवंबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद वर्ष 2020-21 की दरों में बढ़ोतरी न करने का फैसला किया है। आयोग ने कंपनियों द्वारा प्रस्तावित टैरिफ स्लैब को खारिज करने के साथ ही वितरण हानियों के 45 करोड़ के गैप को नहीं माना था और कंपनियों पर उपभोक्ताओं का ही 800 करोड़ तक निकाल दिया था। इससे पहले भी आयोग वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक का उदय ट्रूअप के तौर पर 13337 करोड़ रुपये बकाया निकाल चुका है, जो कैरिंग कास्ट सहित बढ़कर 19537 करोड़ हो गया है।
परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि कॉरपोरेशन फिर से उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का बोझ डालना चाहता है। इस मुकदमे के लड़ने पर भी सरकार का लाखों रुपये खर्च होगा, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा। इसलिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
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ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नियामक आयोग ने 11 नवंबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद वर्ष 2020-21 की दरों में बढ़ोतरी न करने का फैसला किया है। आयोग ने कंपनियों द्वारा प्रस्तावित टैरिफ स्लैब को खारिज करने के साथ ही वितरण हानियों के 45 करोड़ के गैप को नहीं माना था और कंपनियों पर उपभोक्ताओं का ही 800 करोड़ तक निकाल दिया था। इससे पहले भी आयोग वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक का उदय ट्रूअप के तौर पर 13337 करोड़ रुपये बकाया निकाल चुका है, जो कैरिंग कास्ट सहित बढ़कर 19537 करोड़ हो गया है।
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परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि कॉरपोरेशन फिर से उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का बोझ डालना चाहता है। इस मुकदमे के लड़ने पर भी सरकार का लाखों रुपये खर्च होगा, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा। इसलिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
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