यूपी में कोरोना: 24 घंटे में सामने आए 1986 नए मामले, प्रदेश में 17264 सक्रिय मरीज
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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटों में प्रदेश में 1986 नए मामले सामने आए हैं।
इसी के साथ प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 17264 तक पहुंच गई है। वहीं अब तक 1108 मरीजों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई है, जबकि 28664 मरीज अब तक डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस समय प्रदेश में 17268 लोग आइसोलेशन में हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। जबकि क्वारंटीन में 4115 लोगों को रखा गया है। इन सभी के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है।1,986 new #COVID19 positive cases reported in the state in last 24 hours. The total active cases now stand at 17,264. A total of 28,664 people have been discahrged after recovering from the disease, death toll 1,108: Uttar Pradesh Principal Health Secretary Amit Mohan Prasad pic.twitter.com/qKeFERvg3N
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) July 18, 2020
यदि जांच के बाद इनमें संक्रमण पाया गया तो सभी का कोविड अस्पताल में रखकर इलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश में 46969 नमूनों की जांच की गई।
इस तरह अब तक 1426303 नमूनों की जांच की जा चुकी है। शुक्रवार को पांच-पांच नमूनों के 2815 पूल बनाए गए थे। इनमें से जांच में 394 पूल पॉजिटिव आए हैं। इसके अलावा दस-दस नमूनों के 303 पूल बनाकर जांच की गई।
अब सभी जिलों में होंगे एंटीजन टेस्ट
जिसमें से 47 पूल पॉजिटिव पाए गए हैं। अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अभी तक नोएडा के छह जिले और झांसी-बलिया सहित 11 जिलों में एंटीजन टेस्ट कराया जा रहा था।
अब सभी 75 जिलों में एंटीजन टेस्ट कराने का फैसला किया गया है। जिससे कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मिले लोगों की जल्दी से जल्दी जांच हो सके। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने, सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कोविड एंड कमांड सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं।
इन सेंटरों से कोविड से जुड़ी सभी गतिविधियों की मॉनीटरिंग की जाएगी। यह सेंटर जिला अधिकारी की देखरेख में चलेंगे। मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय विशेषज्ञ अभियान में सैनिटाइजेशन, फॉगिंग और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा गया है। जिसमें खासतौर से जल प्रदूषण से बचाव पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को हाई रिस्क ग्रुप जैसे वृद्ध, बच्चे, गर्भवती, मधुमेह, किडनी रोगी, हृदय, कैंसर रोगियों को घर के भीतर व बाहर भी संक्रमण से बचाने के निर्देश दिए हैं।