कोरोना वायरस को फैलने से रोकने को क्या कदम उठाए : हाईकोर्ट ने योगी सरकार से मांगा जवाब
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से सोमवार को पूछा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही, सरकारी वकील को निर्देश दिया कि मंगलवार को विस्तार से जानकारी पेश करें।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने यह आदेश दो स्थानीय अधिवक्ताओं की जनहित याचिका पर दिया। इसमें हालात काबू या सामान्य होने तक स्कूलों, कालेजों व विश्वविद्यालयों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोरोना वायरस के फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभावी उपाय करने के निर्देश देने की गुजारिश की गई है।
इतना ही नहीं, याचियों ने इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने का भी आग्रह किया है।
याचिका में कोरोना की रोकथाम संबंधी दवाओं, सेनेटाइजर, मास्क आदि की पर्याप्त आपूर्ति के निर्देश राज्य सरकार को देने और इनकी जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
'भारत में सक्रियता से काम न करने का लगा आरोप'
याचियों का कहना था कि वर्तमान में दुनिया के ज्यादातर देश इस महामारी को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर लगे हैं, लेकिन भारत में उतनी सक्रियता से काम नहीं हो रहा है। यहां लोग भी अभी बेपरवाह हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार को इस महामारी को रोकने के लिए और अधिक सख्ती से उपाय करने चाहिए।
उधर, राज्य सरकार के वकीलों आनंद सिंह और क्यूएच रिजवी ने कोर्ट को बताया कि सरकार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई कर रही है। मगर, इनकी जानकारी से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी 17 मार्च को देने के निर्देश दिए।