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गंभीर मरीज को भेजा लेवल-वन अस्पताल, इलाज न मिलने से मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Fri, 17 Jul 2020 03:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 17 Jul 2020 03:06 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Flickr
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कोरोना के बढ़ते शिकंजे के बीच स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही ने कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की जान ले ली। पहले से ही लिवर की बीमारी से परेशान बुजुर्ग टेढ़ी पुलिया निवासी वासुदेव पांडेय (70) की कोरोना रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आने के बाद उन्हें बीकेटी के लेवल-1 कोविड अस्पताल रामसागर मिश्र में भर्ती करा दिया गया।
वहां देर रात उनकी मौत हो गई। इस पर घर वालों ने हंगामा किया। बेटे विवेक पांडेय ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच में बुधवार को वासुदेव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लिवर पेशेंट होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें केजीएमयू, लोहिया व पीजीआई न भेजकर लेवल-1 राम सागर मिश्र अस्पताल में भर्ती करा दिया।
रात आठ बजे पिता के नंबर पर बात की तो उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की बात कही। उन्होंने बताया कि वार्ड में कोई स्टाफ नहीं था। डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। दोबारा पिता के नंबर पर कॉल किया तो फोन नहीं उठा। उनका हाल लेने अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। मामले की सीएम से शिकायत की गई है।
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पूछताछ की जाएगी
रामसागर मिश्र अस्पताल में कोरोना के साथ अन्य बीमारियों के इलाज की लिए कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। गंभीर मरीज को लेवल वन के अस्पताल में क्यों भेजा गया, इसके बारे में पूछताछ की जाएगी। - योगेश, प्रवक्ता, सीएमओ
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वहां देर रात उनकी मौत हो गई। इस पर घर वालों ने हंगामा किया। बेटे विवेक पांडेय ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच में बुधवार को वासुदेव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लिवर पेशेंट होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें केजीएमयू, लोहिया व पीजीआई न भेजकर लेवल-1 राम सागर मिश्र अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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रात आठ बजे पिता के नंबर पर बात की तो उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की बात कही। उन्होंने बताया कि वार्ड में कोई स्टाफ नहीं था। डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। दोबारा पिता के नंबर पर कॉल किया तो फोन नहीं उठा। उनका हाल लेने अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। मामले की सीएम से शिकायत की गई है।
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पूछताछ की जाएगी
रामसागर मिश्र अस्पताल में कोरोना के साथ अन्य बीमारियों के इलाज की लिए कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। गंभीर मरीज को लेवल वन के अस्पताल में क्यों भेजा गया, इसके बारे में पूछताछ की जाएगी। - योगेश, प्रवक्ता, सीएमओ