उपचुनाव में पिटने के बाद अजब तर्क दे रहे कांग्रेसी
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उपचुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार से पार्टी का ‘नंबर गेम’ एक बार फिर बिखर गया। पहले 2012 का विधानसभा चुनाव फिर लोकसभा का चुनाव और अब 11 सीटों का उपचुनाव, तीनों में ही कांग्रेस की हालत खराब रही।
उपचुनाव के नतीजों ने पार्टी की उम्मीदों पर पानी तो फेरा ही नए घमासान की पृष्ठभूमि भी तैयार कर दी। प्रदेश में लगातार पतली हो रही कांग्रेस की हालत पर पार्टी नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो उपचुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर भी अंगुलियां उठनी शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस को उपचुनाव से काफी उम्मीदें थी। यही वजह रही कि पार्टी ने हर सीट पर कई-कई दिग्गज नेताओं को लगाया था। पर उसकी सारी रणनीति फिर फेल हो गई। कांग्रेस का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन रोहनिया, बिजनौर व लखनऊ में रहा।
लखनऊ में वर्ष 2012 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रमेश श्रीवास्तव को 35,227 वोट मिले थे, जबकि इस उपचुनाव में वह महज 9757 वोट ही पा सके। बिजनौर में पार्टी के प्रत्याशी हुमायूं बेग 2585 वोट तो रोहनिया में डॉ. भावना पटेल को महज 3207 वोट ही मिल सके।
2017 का सेमीफाइनल नहीं था उपचुनाव
उपचुनाव में कांग्रेस महज चरखारी और हमीरपुर में पिछले चुनाव के मुकाबले अपना वोट बढ़ा सकी। जबकि सहारनपुर विधानसभा क्षेत्र में हर चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस इस बार के उपचुनाव में बुरी तरह लड़खड़ा गई।
हालांकि कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी कहते हैं कि वर्ष 2012 के विधानसभा व 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले कई सीटों परसे हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा है।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती की चरखारी सीट पर तो कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही। यहां पर भाजपा तीसरे नंबर पर आई है। हमीरपुर में भी कांग्रेस अच्छा चुनाव लड़ी है। लखनऊ में जरूर हमारा वोट कम हुआ है। यह चिंता की बात है।
वह कहते हैं कि इसे 2017 का सेमीफाइनल कहना भी गलत है, क्योंकि इस उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल बसपा ने चुनाव ही नहीं लड़ा है। जहां तक हार की बात है तो हम इसकी समीक्षा करेंगे और जहां भी कमियां होंगी उसे दूर कर पूरे जोश से वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस के प्रत्याशियों की स्थिति
सहारनपुर--28553--72544--109143
बिजनौर--2585--रालोद ने लड़ा था--रालोद ने लड़ा था
ठाकुरद्वारा--17377--46519--2914
नोएडा--17212--25482--6592
निघासन--6842--16483--34546
लखनऊ पूर्व--9757--35227--45094
हमीरपुर--42200--30446--13375
चरखारी--44203--22531--21470
सिराथू--5803--20890--4927
बलहा--7000--20974--7174
रोहनिया--3207--18504--12698
राज्य सरकार के हथकंडों का शिकार हुई कांग्रेस
कांग्रेस की हार पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री का कहना है कि हमें जिस सीट पर उम्मीद थी वहां भी हमारा प्रदर्शन खराब रहा है। यह निश्चित रूप से चिंता की बात है।
भाजपा का हारना तो पहले से तय था, लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन इतना खराब होगा यह नहीं सोचा था। राज्य सरकार के हथकंडों का कांग्रेस शिकार हो गई।
यकीनन उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए अगर एक तरफ भाजपा धर्म व सांप्रदायिकता का सहारा लेती है तो अन्य दो दल (सपा व बसपा) जाति के सहारे आगे राजनीति में बढ़ रहे रहे हैं। ऐसे में निश्चित रूप से कांग्रेस को जनता के बीच जाकर अपनी बात रखनी होगी।