‘राहुल गद्दी छोड़ो’ होर्डिंग लगाई तो पार्टी से हुई विदाई!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार को कानपुर के नवीन मार्केट स्थित प्रेस क्लब के पीछे लगी ‘राहुल भइया गद्दी छोड़ो’ होर्डिंग से शहर में कांग्रेसियों में राजनीति गर्म हो गई। होर्डिंग पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का भी फोटो था तो मामले ने और तूल पकड़ लिया।
होर्डिंग लगाने वाले पार्टी के महानगर अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व चेयरमैन शमीमुल हक को आनन फानन पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।
इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इसे एक सिरफिरे की साजिश करार दिया। हालांकि शाम तक होर्डिंग को उतरवा लिया गया है। मामला लखनऊ और दिल्ली तक पहुंच गया हैं, पर सभी बड़े नेता चुप्पी साधे हुए हैं।
दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी छुट्टी पर हैं। पर पार्टी की स्थिति को लेकर उनके खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। नवीन मार्केट स्थित प्रेस क्लब के पीछे लगी इस होर्डिंग के बारे में जैसे जैसे पता चला कांग्रेसी वहां पर इकट्ठा होते गए। इसी बीच करीब 11 बजे इसकी सूचना श्रीप्रकाश जायसवाल को मिली।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दी सफाई
जायसवाल ने तत्काल इस संबंध में पार्टी पदाधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी दी। साथ ही नाराजगी भी जाहिर कर दी। शाम को उन्होंने पार्टी कार्यालय तिलक हाल में प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने कहा कि यह किसी सिरफिरे की साजिश है। ऐसे लोग कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं हो सकते हैं।
श्रीप्रकाश ने बगल में बैठे पार्टी महानगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री से कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी से निकाला जाना चाहिए। इस पर हरप्रकाश ने शमीमुल हक को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा कर दी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के सर्वमान्य नेता हैं। वह इस समय चिंतन यात्रा पर हैं। इस बीच शमीमुल हक अपनी बात पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब राहुल गांधी से संगठन नहीं संभल रहा है, तो कांग्रेस में और वरिष्ठ लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
इस मामले में जवाब देने के लिए शमीमुल हक सोमवार को प्रेसवार्ता भी करेंगे। कानपुर से पहले बनारस और दिल्ली में भी राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लग चुके हैं।
राहुल गांधी में है असीम क्षमता
जायसवाल ने कहा कि इस तरह की होर्डिँग लगाना निहायत बेवकूफी भरा कदम है। राहुल गांधी कांग्रेस के सर्वप्रिय नेता हैं। उनमें संगठन संभालने की असीम क्षमता है। इस समय वह चिंतन में हैं, लौटने के बाद पार्टी को नई दिशा देंगे। इस तरह की साजिश करने वाले कांग्रेसी विचारधारा के नहीं हो सकते हैं।
वहीं कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व चेयरमैन शमीमुल हक का कहना है, 'हम कांग्रेसी हैं, इसलिए कांग्रेस की स्थिति पर चिंता करना हमारा फर्ज है। श्रीप्रकाश जायसवाल हमारे सर्व मान्य नेता हैं। मुझे पार्टी से भले ही निकाल दिया जाए। लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री मेरे दिल में बसे हैं। मैं जल्द ही इसका जवाब दूंगा।'
इस पर महानगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री कहते हैं कि हमने शमीमुल हक को पार्टी से आजीवन निकाल दिया है, (बाद में इसे छह साल के लिए कहा गया)। इस तरह की हरकत किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राहुल गांधी हम सभी के नेता हैं, उनके दिशा निर्देशन में ही पार्टी काम कर रही है।