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प्रियंका की मोहलत के बाद गाजियाबाद बॉर्डर से वापस लौटने लगीं बसें, यूपी सरकार ने नहीं किया उपयोग
Wed, 20 May 2020 06:21 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 20 May 2020 06:21 PM IST
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प्रियंका गांधी
उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लिए बस चलाने को लेकर हुए घमासान के बाद अंतत: गाजियाबाद बॉर्डर से सभी बसें लौटने लगीं। इससे पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उन बसों का उपयोग न करने को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि हम लोगों की मदद करना चाहते हैं, इसमें राजनीति न खोजें।
कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार को सौंपी गई बसों की लिस्ट में बाइक और टेम्पो के नंबर होने पर प्रियंका ने कहा था कि अगर ऐसे कुछ नंबर हैं भी, तो हम नए नंबर देने को तैयार हैं। हालांकि इसके बाद भी उन बसों को चलाने को लेकर प्रदेश सरकार की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया। यहां पढ़ें प्रियंका गांधी ने और क्या-क्या कहा था-
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कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार को सौंपी गई बसों की लिस्ट में बाइक और टेम्पो के नंबर होने पर प्रियंका ने कहा था कि अगर ऐसे कुछ नंबर हैं भी, तो हम नए नंबर देने को तैयार हैं। हालांकि इसके बाद भी उन बसों को चलाने को लेकर प्रदेश सरकार की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया। यहां पढ़ें प्रियंका गांधी ने और क्या-क्या कहा था-
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- हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जो प्रवासी मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को जा रहे हैं वो केवल भारतीय नहीं, बल्कि भारत के रीढ़ की हड्डी हैं। देश उनके खून पसीने से चलता है। उनका ख्याल रखना सभी की जिम्मेदारी है। यह राजनीति का समय नहीं है।
- आज शाम चार बजे कांग्रेस द्वारा बस उपलब्ध करवाए 24 घंटे हो जाएंगे। अगर यूपी सरकार उनका प्रयोग करना चाहती है, तो कर ले। अगर उन बसों को चलाने के लिए आप भाजपा के झंडे या स्टिकर लगाना चाहते हैं तो वो भी कर लें। अगर आप भाजपा के नाम से ही उन बसों को चलाना चाहते हैं तो वो भी ठीक है।
- हमने 17 मई को 500 बसें गाजियाबाद भेजीं। सरकार के कहने पर चार-पांच घंटे में बसों की लिस्ट भेजी। हमने जो बसें भेजीं उनका उपयोग होता तो अब तक कम से कम 95000 लोगों को घर भेजा जा चुका होता।
- मैं बहुत स्पष्ट हूं। हर राजनीतिक दल को सेवा भाव के साथ इस समय लोगों की सहायता के लिए उपलब्ध होना चाहिए।
- हाईवे टास्क फोर्स, कांग्रेस के सिपाही और सांझी रसोई की मदद से हम अब तक 67 लाख लोगों की मदद कर चुके हैं। हमें इससे मतलब नहीं है कि बसें किसकी है, लेकिन उनका चलना जरूरी है। अगर यूपी सरकार उनका प्रयोग नहीं करना चाहती तो हमें बोल दे, हम बसें वापस भेज देंगे।
- लॉकडाउन की घोषणा होते ही यूपी कांग्रेस ने हर जिले में वॉलेंटियर्स तैयार किए, जिन्हें कांग्रेस के सिपाही का नाम दिया गया। हमने सांझी रसोइयां खोलीं। हमारे वॉलेंटियर्स दिन रात राशन और आवश्यक सामान के वितरण में लगे हैं।
- मैं हमारे प्रवासी भाई-बहनों से कहना चाहती हूं कि इस संकट की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। इस समय कांग्रेस का हर नेता और कार्यकर्ता आपके साथ खड़ा है। आप यूपी के जिस भी जिले से पार होंगे हमारे कार्यकर्ता आपकी मदद के लिए आपको मिलेंगे।