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Lucknow News: पासपोर्ट में गोलमाल, एयरपोर्ट पर पकड़ा गया दुबई से आया यात्री
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मो. इजहार
सरोजनीनगर। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने सोमवार को बाराबंकी के सुबेहा इस्मालपुर निवासी मो. इजहार को पुराने पासपोर्ट की जानकारी छुपाकर दूसरा पासपोर्ट बनवाने के आरोप में पकड़ लिया। उसके खिलाफ सरोजनीनगर थाने में धोखाधड़ी व पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने इजहार को जेल भेज दिया है।
इमिग्रेशन अधिकारी गोवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक सोमवार सुबह 8:32 बजे वह आगमन विंग में काउंटर संख्या A-27 पर थे। तभी दुबई से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (आईएक्स-194) से मो. इजहार इमिग्रेशन क्लीयरेंस के लिए पहुंचा। जांच में पाया गया कि वह 12 नवंबर 2024 को पर्यटन वीजा पर दुबई गया था, लेकिन वीजा अवधि के दौरान नहीं लौटा। आठ महीने बाद चार अगस्त को लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। पूछताछ में पता चला कि वह इससे पहले भी एक पासपोर्ट बनवा चुका है, लेकिन पुराने पासपोर्ट का लिंक नए पासपोर्ट के साथ नहीं था। जांच से पता चला कि इजहार को पहले भी एक पासपोर्ट (संख्या 12690381) जारी किया गया था। यह पासपोर्ट 18 अगस्त 2010 को लखनऊ से जारी हुआ था। उस पासपोर्ट में जन्म तिथि आठ अप्रैल 1988 और नाम इजहार अहमद पुत्र आजाद हुसैन दर्ज था। वर्तमान पासपोर्ट (संख्या W8316463) तीन मार्च 2023 को लखनऊ से जारी किया गया। इसमें जन्मतिथि 16 जुलाई 1995 और नाम मोहम्मद इजहार पुत्र मोहम्मद आजाद दर्ज है। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि पहला पासपोर्ट बिना मार्कशीट के, बिजली के बिल और बैंक खाते के आधार पर बनवाया था। दूसरा पासपोर्ट 10वीं कक्षा पास करने के बाद बनवाया गया था। आरोप है कि जांच के दौरान यात्री ने सहयोग नहीं किया। उसने गलत जानकारी देकर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने आरोपी यात्री को सरोजनीनगर पुलिस के हवाले करते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कराया। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर राजदेव प्रजापति ने बताया कि फिलहाल आरोपी इजहार को जेल भेज दिया गया है। मामले की गहनता सेे जांच की जा रही है।
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इमिग्रेशन अधिकारी गोवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक सोमवार सुबह 8:32 बजे वह आगमन विंग में काउंटर संख्या A-27 पर थे। तभी दुबई से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (आईएक्स-194) से मो. इजहार इमिग्रेशन क्लीयरेंस के लिए पहुंचा। जांच में पाया गया कि वह 12 नवंबर 2024 को पर्यटन वीजा पर दुबई गया था, लेकिन वीजा अवधि के दौरान नहीं लौटा। आठ महीने बाद चार अगस्त को लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। पूछताछ में पता चला कि वह इससे पहले भी एक पासपोर्ट बनवा चुका है, लेकिन पुराने पासपोर्ट का लिंक नए पासपोर्ट के साथ नहीं था। जांच से पता चला कि इजहार को पहले भी एक पासपोर्ट (संख्या 12690381) जारी किया गया था। यह पासपोर्ट 18 अगस्त 2010 को लखनऊ से जारी हुआ था। उस पासपोर्ट में जन्म तिथि आठ अप्रैल 1988 और नाम इजहार अहमद पुत्र आजाद हुसैन दर्ज था। वर्तमान पासपोर्ट (संख्या W8316463) तीन मार्च 2023 को लखनऊ से जारी किया गया। इसमें जन्मतिथि 16 जुलाई 1995 और नाम मोहम्मद इजहार पुत्र मोहम्मद आजाद दर्ज है। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि पहला पासपोर्ट बिना मार्कशीट के, बिजली के बिल और बैंक खाते के आधार पर बनवाया था। दूसरा पासपोर्ट 10वीं कक्षा पास करने के बाद बनवाया गया था। आरोप है कि जांच के दौरान यात्री ने सहयोग नहीं किया। उसने गलत जानकारी देकर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने आरोपी यात्री को सरोजनीनगर पुलिस के हवाले करते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कराया। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर राजदेव प्रजापति ने बताया कि फिलहाल आरोपी इजहार को जेल भेज दिया गया है। मामले की गहनता सेे जांच की जा रही है।
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