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पीठासीन अधिकारी सम्मेलन: प्रमोद चंद मोदी बोले- सचिवालयों में नवाचार का आमजन को मिलता है सीधा फायदा
Mon, 19 Jan 2026 01:52 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:52 PM IST
सार
राजधानी में पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों के सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विधाई कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। आगे पढ़ें अपडेट...
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प्रमुख सचिव और सचिवों का सम्मेलन।
- फोटो : up vidhan parishad YT channel
विस्तार
राजधानी लखनऊ स्थित विधान परिषद मंडप में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों के 62वें सम्मेलन में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विधायी संस्थाओं के सचिवालय: नवाचार के केंद्र विषय पर चर्चा हुई। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह, राज्यसभा महासचिव प्रमोद चंद मोदी, यूपी विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे और विधान परिषद प्रमुख सचिव राजेश सिंह उपस्थित रहे।
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प्रमोद चंद मोदी ने कहा कि सचिवालयों में नवाचार का सीधा फायदा आम जनता को मिलता है और एआई के प्रयोग से कार्यक्षमता बढ़ती है। उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विधायी संस्थाओं की कार्यकुशलता बढ़ाना और संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करना है। प्रदीप दुबे ने लखनऊ के इतिहास और विधानसभा में हुए तकनीकी बदलावों को साझा किया।
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राजेश सिंह ने विधान परिषद परिसर के कायाकल्प का श्रेय सीएम योगी आदित्यनाथ को देते हुए डिजिटल, पेपरलेस और नागरिक सहभागिता को उदाहरण बताया। पहले यह नगर निगम जैसी स्थिति में था।
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86वें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विधायकों को अपनी बात रखने के पर्याप्त समय के लिए विधानसभाओं में समय-सीमा तय करना जरूरी है। उन्होंने सदन में व्यवधान को चुनौती बताया और उम्मीद जताई कि सम्मेलन में दो-तीन दिन में इस विषय पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना था कि सदन की सार्थकता बहसों की संख्या नहीं, बल्कि तथ्यपूर्ण और समाधानपरक चर्चा से तय होती है, जिससे संसदीय लोकतंत्र सशक्त और विश्वासयोग्य बनता है।