फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   computerised system started in all revenue courts in state

अब ऑनलाइन जानिए रेवेन्यू कोर्ट्स के हर फैसले

Sun, 01 Sep 2013 07:48 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 01 Sep 2013 07:48 AM IST
विज्ञापन
computerised system started in all revenue courts in state

प्रदेश में रविवार को राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली सभी जिलों में एक साथ लागू हो जाएगी।

विज्ञापन


इसके अंतर्गत मुकदमों की अगली तारीख, अंतरिम व अंतिम निर्णय खोजने की सुविधा ऑनलाइन सुलभ हो जाएगी। अभी तक यह व्यवस्था प्रदेश के 25 जिलों में लागू थी। अब बाकी 50 जिलों में भी लागू की जा रही है।


राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में नायब तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक की कोर्ट को कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के दायरे में लाने की तैयारी पूरी कर ली है।

विज्ञापन


इसके लिए प्रदेश में लंबित पौने आठ लाख वादों का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज कराया गया है। बड़ी तादाद में पीठासीन अधिकारियों द्वारा वादों का ब्यौरा दर्ज कर लेने का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चल रही है मॉनीटरिंग
कई जिलों से प्रमाणपत्र तेजी से दिए जा रहे हैं। परिषद में इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राजस्व परिषद के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि ऑनलाइन प्रबंधन प्रणाली एक सितंबर से काम करना शुरू कर देगी।

इस संबंध में चल रही कार्यवाही की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारियों से भी बात हो रही है। पीठासीन अधिकारी सभी वादों को दर्ज करने का प्रमाणपत्र उपलब्ध करा रहे हैं। प्रदेश के आधे से ज्यादा पीठासीन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से प्रमाणपत्र उपलब्ध करा चुके हैं।

इस सुविधा से वादकारी पास के साइबर कैफे, लोकवाणी केंद्र या कहीं से भी इंटरनेट पर अपने मुकदमों की अगली तारीख, मुकदमें में यदि कोई अंतरिम या अंतिम आदेश पारित किया गया है तो उसका ब्यौरा प्राप्त कर सकेंगे।

इसके लिए उनके पास कई विकल्प होंगे। वे अपना नाम, गांव का नाम, केस संख्या जैसे विकल्पों का सहारा ले सकेंगे।


तीन को मुख्य सचिव करेंगे समीक्षा

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी तीन सितंबर को कंप्यूटरीकृत राजस्व प्रबंधन प्रणाली की प्रगति की समीक्षा करेंगे। राजस्व विभाग की ओर से उस दिन एक प्रजेंटेशन भी दिया जाएगा।



संकेत है कि इसके बाद मुख्य सचिव इस संबंध में जिलाधिकारियों से सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकते हैं या इससे जुड़े अधिकारियों को अपने स्तर से सख्त निर्देश जारी कर सकते हैं। कई जिलों में इसकी तैयारी में शिथिलता की बात सामने आई है।


वादा नहीं निभाया, तो होगी कार्रवाई

राजस्व परिषद के सचिव अनिल कुमार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि यदि वादों को अपडेट नहीं रखा जाता और इस संबंध में प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा, तो संबंधित पेशकार व पीठासीन अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।

उन्होंने कहा, समस्त वादों की प्रविष्टि अनिवार्य है क्योंकि इसी आधार पर सारे वादों की अगली तिथि तय की जानी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed