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अब सवारियों से छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे ऑटो-टैंपो चालक

Wed, 23 Oct 2013 02:34 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ Updated Wed, 23 Oct 2013 02:34 AM IST
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commercial dl necessary for auto-tempo driver

राजधानी में अब सिर्फ कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस धारक ही आटो-टैंपो चला सकेंगे। वाहन मालिकों को रजिस्ट्रेशन, परमिट, इंश्योरेंस व फिटनेस संबंधी औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।

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जिन वाहन चालकों के पास कॉमर्शियल लाइसेंस व वाहन संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हैं,उनका जाइंट आईडेंटिटी (जेआईडी) कार्ड नहीं बनाया जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार लाने के लिए डीआईजी नवनीत सिकेरा की इस पहल से न सिर्फ बिना लाइसेंस व डोमेस्टिक लाइसेंस लेकर ऑटो-टैंपो चलाने वाले लोगों की संख्या कम हो जाएगी बल्कि जुगाड़ से दौड़ रहे हजारों वाहन सड़क से हट जाएंगे।
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नई व्यवस्था ने हजारों ऑटो-टैंपो चालकों के पसीने छुड़ा दिए हैं। डीआईजी ने बताया कि फिलवक्त ऐसे सैकड़ों ऑटो-टैंपो सड़क पर दौड़ रहे हैं,जिन्हें डोमेस्टिक लाइसेंस धारक चला रहे हैं या ऐसे नाबालिग जिनके पास लाइसेंस ही नहीं है।
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सैकड़ों वाहन बिना इंश्योरेंस और फिटनेस के चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारने के लिए आरटीओ,ट्रैफिक और पुलिस के संयुक्त प्रयास से जो व्यवस्था की जा रही है, उसमें मानकों को पूरा न करने वाले हजारों चालक और वाहन सड़क से हट जाएंगे।

बकौल डीआईजी, जेआईडी कार्ड सिर्फ उन्हीं चालकों को दिया जाएगा जिनके पास कॉमर्शियल लाइसेंस है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइंस में जेआईडी के लिए फार्म भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

फार्म में चालक जो जानकारियां देंगे,पुलिस से उसका वेरिफिकेशन कराया जाएगा। प्रत्येक चालक को वेरिफिकेशन का शुल्क 50 रुपये जमा करना होगा। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर तक जेआईडी बंटवाने की कोशिश की जाएगी।


सभी चालकों को निर्धारित वर्दी पहनकर जेआईडी गले में लटकानी होगी, जिससे उनकी पहचान आसानी से की जा सके।

इसके अलावा ऑटो-टैंपो के भीतर बड़े शब्दों में ‘कृपया मेरा नंबर याद कर लें’लिखाया जाएगा,जिससे चालकों पर गड़बड़ी न करने का मनोवैज्ञानिक दबाब रहे। सवारियों के लिए भी यह एक संदेश होगा।

नंबर याद करके या लिखकर सवारियां छेड़छाड़, झगड़ा, चोरी-लूट सहित कई तरह के अपराध व समस्याओं से बच सकती हैं।

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