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कोविड रिपोर्ट निगेटिव दिखाने के बाद मिलेगा माघ मेले और संत समागम में प्रवेश, सीएम योगी ने की समीक्षा
Mon, 07 Dec 2020 06:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 07 Dec 2020 06:55 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही श्रद्धालुओं को प्रयागराज के माघ मेले और वृंदावन के संत समागम में प्रवेश दिया जाएगा। लिहाजा श्रद्धालुओं को वहां जाने से पहले कोविड-19 का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर माघ मेले व संत समागम की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा के दौरान कही।
सीएम ने अधिकारियों से माघ मेले में श्रद्धालुओं का अनिवार्य रूप से रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए। कहा, सरकार श्रद्धालुओं व संतों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है। इसलिए मेला क्षेत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। उन्होंने प्रयागराज में एक जनवरी से 16 फरवरी तक गंगा नदी और वृंदावन में 1 फरवरी से 28 मार्च तक यमुना नदी को निर्मल व अविरल बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में जनवरी-फरवरी में माघ मेला और वृंदावन में 16 से 28 फरवरी तक संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रयागराज कुंभ-2019 की तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने माघ मेले के लिए प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण को और उत्तर प्रदेश बृज क्षेत्र तीर्थ विकास परिषद को संत समागम की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कल्पवासियों व साधु-संतों के लिए उच्च स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। इस दौरान माघ मेला तथा संत समागम की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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कोरोना का खतरा टला नहीं, सतर्कता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 नियंत्रण में है, लेकिन इसका खतरा टला नहीं है। इसलिए मेेले जैसे बड़े आयोजनों में सतर्कता, बचाव और सावधानी जरूरी है। मेला क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराकर कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग कराकर संबंधित लोगों को क्वारंटीन किया जाए। उन्होंने बेहतर सर्विलांस के लिए प्रयागराज के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की तरह वृंदावन में भी सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए।
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सीएम ने अधिकारियों से माघ मेले में श्रद्धालुओं का अनिवार्य रूप से रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए। कहा, सरकार श्रद्धालुओं व संतों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है। इसलिए मेला क्षेत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। उन्होंने प्रयागराज में एक जनवरी से 16 फरवरी तक गंगा नदी और वृंदावन में 1 फरवरी से 28 मार्च तक यमुना नदी को निर्मल व अविरल बनाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि प्रयागराज में जनवरी-फरवरी में माघ मेला और वृंदावन में 16 से 28 फरवरी तक संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रयागराज कुंभ-2019 की तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने माघ मेले के लिए प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण को और उत्तर प्रदेश बृज क्षेत्र तीर्थ विकास परिषद को संत समागम की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कल्पवासियों व साधु-संतों के लिए उच्च स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। इस दौरान माघ मेला तथा संत समागम की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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कोरोना का खतरा टला नहीं, सतर्कता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 नियंत्रण में है, लेकिन इसका खतरा टला नहीं है। इसलिए मेेले जैसे बड़े आयोजनों में सतर्कता, बचाव और सावधानी जरूरी है। मेला क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराकर कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग कराकर संबंधित लोगों को क्वारंटीन किया जाए। उन्होंने बेहतर सर्विलांस के लिए प्रयागराज के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की तरह वृंदावन में भी सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए।